कोरबा, छत्तीसगढ़।
अगर आप सोच रहे हैं कि केवल इंसानों को ही ‘समर वेकेशन’ में गर्मी सता रही है, तो जरा कोरबा के रिसदी स्थित वन विभाग की नर्सरी का हाल जान लीजिए। इस नर्सरी को पक्षी नर्सरी के नाम से ही जाना जाता है। यहाँ गुरुवार को प्रकृति ने कुछ ज्यादा ही ‘गरमा-गरम’ स्वागत कर दिया। हुआ यूँ कि दोपहर के वक्त नर्सरी को अचानक लगा कि अब पक्षियों को एयर-कंडीशन की नहीं, बल्कि ‘हॉट सॉना बाथ’ की जरूरत है, और देखते ही देखते कई एकड़ में लगी हरियाली ‘ब्लैक थीम’ में तब्दील हो गई।
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ब्लोवर मशीन से ‘बर्थडे कैंडल’ बुझाने का प्रयास
आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि बादलों को भी लगा होगा कि नीचे कोई बड़ा यज्ञ चल रहा है। वन विभाग के कर्मचारी अपनी जादुई ‘ब्लोवर मशीन’ लेकर ऐसे दौड़े, मानो किसी विशाल केक पर लगी मोमबत्तियां बुझा रहे हों। करीब तीन घंटे तक स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच ‘आग-मिचौली’ का खेल चला। आखिरकार, जब तक आग ठंडी हुई, तब तक कई एकड़ के पेड़-पौधे ‘कोयले’ की ट्रेनिंग पूरी कर चुके थे।
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अधिकारियों का ‘अनसुलझा’ रहस्य
हमेशा की तरह, विभाग के पास इस जलते हुए सवाल का एक ही ‘ठंडा’ जवाब है— “कारणों का पता लगाया जा रहा है।” अब ये आग गर्मी से लगी, किसी ‘सुलगते’ हुए इंसान की मेहरबानी थी या फिर नर्सरी के पक्षियों ने ही बारबेक्यू पार्टी की प्लानिंग की थी, यह जांच का विषय है।
नोट: इस ‘हॉट इवेंट’ के कारण वहां रहने वाले पक्षियों और जीव-जंतुओं ने बिना किसी पूर्व सूचना के अपना आशियाना बदल लिया है। शायद वे अब ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ ‘फॉरेस्ट’ के साथ ‘फायर’ मुफ्त न मिलता हो।
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