कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा में स्थित भारत एल्युमिनियम कंपनी (बालको) के भीतर जबरदस्त आक्रोश की ज्वाला भड़क उठी है। बालको परियोजना में एक निजी फर्म के अधीन कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ बागी रुख अपनाते हुए ‘आर-पार’ की जंग छेड़ दी है। गुरुवार सुबह से ही कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और प्लांट के भीतर स्थित प्रोजेक्ट ऑफिस समेत अन्य कार्यालयों का घेराव कर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
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वेतन विसंगति पर फूटा गुस्सा
आंदोलनकारी मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रहा है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
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समान कार्य, समान वेतन: मजदूरों की मांग है कि उन्हें केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप वेतन और सुविधाएं दी जाएं।
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क्षेत्रीय भेदभाव का अंत: कर्मचारियों का कहना है कि पानीपत और सिंगरौली जैसे अन्य प्लांटों में बढ़ी हुई दरों पर भुगतान किया जा रहा है, जबकि बालको में उन्हें पुराने और कम रेट पर काम कराकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
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थम गए विकास के पहिए
इस अचानक हुए कामबंद आंदोलन से बालको परियोजना के भीतर चल रहे तमाम निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। आंदोलन में मुख्य रूप से इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर और उनके सहायक शामिल हैं। तकनीकी अमले के इस सामूहिक विद्रोह ने प्लांट प्रबंधन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और स्पष्ट कर दिया है कि जब तक वेतन वृद्धि और सुविधाओं पर ठोस निर्णय नहीं होता, काम शुरू नहीं होगा।
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