रायपुर | 24 फरवरी, 2026 राजधानी रायपुर के खमरडीह इलाके से इंसानियत को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की रूह कांप जाए। यहाँ दो पालतू कुत्तों के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक बेजुबान को उबलते हुए गर्म पानी से बुरी तरह झुलसा दिया गया।
यह घटना केवल पशु क्रूरता का मामला नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ती जा रही ‘मानसिक विकृति’ का एक खौफनाक प्रमाण है।
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
घटना का खुलासा तब हुआ जब एक पड़ोसी ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाली क्रूरता का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। फुटेज में बेजुबानों की चीखें और उन पर होता जुल्म साफ देखा जा सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्वयंसेवक वंचना लाबन, दीपेश मौर्य और उर्जा शृंगारपुरे तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उनकी सक्रियता ने इस मामले को दबने नहीं दिया।
PETA इंडिया का कड़ा रुख; पुलिस ने कसी कमर
जैसे ही यह मामला PETA इंडिया के संज्ञान में आया, संस्था ने तत्काल डीसीपी नॉर्थ और खमरडीह पुलिस से संपर्क कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
कानून की मार: इस धारा के तहत किसी पशु को अपंग करने या मारने पर 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस अब आरोपियों की धरपकड़ और साक्ष्य जुटाने में लग गई है।
बेजुबानों की सुरक्षा पर सवाल
PETA इंडिया ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित कुत्तों को तत्काल उस ‘नरक’ से बाहर निकालकर सुरक्षित कस्टडी में लिया जाए और उनका बेहतर चिकित्सकीय उपचार कराया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि जो व्यक्ति बेजुबानों के प्रति इतना हिंसक हो सकता है, वह समाज के लिए एक बड़ा खतरा है।
तमाशाबीन न बनें, आवाज उठाएं!
रायपुर की यह घटना हमारे सभ्य समाज के मुंह पर एक करारा तमाचा है। पालतू जानवर कोई निर्जीव खिलौना नहीं होते, वे भी दर्द महसूस करते हैं। कानून अपनी जगह काम करेगा, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि हम किस दिशा में जा रहे हैं? यदि आज हम इन बेजुबानों की कराह सुनकर चुप हैं, तो कल यह हिंसा किसी इंसान के दरवाजे तक भी पहुंच सकती है।
जांच जारी है और अब रायपुर की नजरें इंसाफ पर टिकी हैं। क्या इन बेजुबानों को न्याय मिलेगा?








