राजामहेंद्रवरम (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ दूध, जिसे जीवन रक्षक माना जाता है, चार परिवारों के लिए काल बन गया। राजामहेंद्रवरम के चौदेश्वरी नगर में मिलावटी दूध पीने से चार बुजुर्गों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 12 अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
यमराज बनकर आया दूध का गिलास
पुलिस के अनुसार, यह त्रासदी 16 फरवरी से शुरू हुई जब इलाके के लोगों ने उल्टी, पेट दर्द और किडनी में अचानक तकलीफ की शिकायत की। धीरे-धीरे मौतों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
-
एन. शेषागिरी राव (72)
-
राधाकृष्ण मूर्ति (74)
-
ताड़ी कृष्णावेनी (76)
-
ताड़ी रमानी (58)
इनमें से दो ने रविवार और दो ने सोमवार को दम तोड़ दिया। अपनों को खोने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दूध में घुला था ‘डिटर्जेंट और यूरिया’
प्रारंभिक जांच में जो खुलासा हुआ है वह रूह कपा देने वाला है। आशंका जताई जा रही है कि दूध के मुनाफे के चक्कर में उसमें डिटर्जेंट और यूरिया जैसे जानलेवा रसायनों की मिलावट की गई थी। एक अनधिकृत विक्रेता द्वारा सप्लाई किया गया यह “सफेद जहर” सीधे लोगों के अंगों पर हमला कर रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
पीड़ितों के आक्रोश के बाद पुलिस हरकत में आई है:
-
हिरासत: एक स्थानीय डेयरी संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
-
फॉरेंसिक जांच: दूध के नमूनों को हैदराबाद और विशाखापत्तनम की लैब में भेजा गया है ताकि जहर की सटीक पुष्टि हो सके।
-
अस्पताल की स्थिति: भर्ती 12 मरीजों में से कई की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
सावधानी ही बचाव है: खुले और अनधिकृत विक्रेताओं से दूध लेते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। यदि दूध के स्वाद या गंध में जरा सा भी बदलाव लगे, तो उसका सेवन न करें।








