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कोरबा में मतदाता सूची विवाद का पटाक्षेप: सद्भाव की जीत, जुलूस वापस

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प्रशासन ने सुन्नी मुस्लिम जमात को दिया भरोसा, अब नहीं कटेंगे 1566 नाम

कोरबा 9 फरवरी । पिछले कुछ दिनों से मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर चल रहा गतिरोध आखिरकार रविवार को समाप्त हो गया। प्रशासन और सुन्नी मुस्लिम जमात के बीच हुई सफल वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया कि सूची से अब कोई भी नाम नहीं हटाया जाएगा। इस सकारात्मक आश्वासन के बाद मुस्लिम समाज ने अपना प्रस्तावित मौन जुलूस स्थगित करने का निर्णय लिया है।

साजिश के आरोपों से गरमाया था माहौल

विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर 1566 मतदाताओं के नाम हटाने की एक सूची वायरल हुई। समाज का आरोप था कि ‘फॉर्म-7’ के माध्यम से एक विशेष वर्ग को लक्षित कर फर्जी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। चौंकाने वाली बात यह रही कि कई कथित शिकायतकर्ताओं ने स्वयं लिखित हलफनामा देकर स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसी कोई शिकायत दर्ज ही नहीं की है। समाज ने इसे मतदाता सूची की शुचिता बिगाड़ने की एक गहरी साजिश करार दिया था।

मैराथन बैठक में सुलझा मामला

रविवार को तहसील कार्यालय में एसडीएम, तहसीलदार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ सुन्नी मुस्लिम जमात के प्रतिनिधियों की लंबी चर्चा हुई। प्रशासन ने शिकायतों की विसंगतियों को स्वीकार करते हुए निम्नलिखित मुख्य निर्णय लिए:

नामों की सुरक्षा : विवादित सूची के सभी 1566 नाम यथावत रहेंगे; कोई विलोपन नहीं होगा।
सख्त जांच:  भविष्य में ‘फॉर्म-7’ के तहत आने वाली शिकायतों की भौतिक और बारीकी से जांच होगी।

पारदर्शिता : प्रशासन ने मतदाता सूची की शुचिता बनाए रखने के लिए नई रिपोर्ट साझा की है।

सद्भाव की जीत, जुलूस वापस

प्रशासन के इस निर्णय का सुन्नी मुस्लिम जमात ने स्वागत किया है। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों, हाजी अखलाख खान असरफी और जुम्मन खान रिजवी ने कहा कि यह सच्चाई और सामाजिक सद्भाव की जीत है। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाज ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है, जिससे शहर में बना तनावपूर्ण माहौल अब पूरी तरह शांत है।

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