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“लापरवाही पड़ी भारी: मुंगेली खाद्य अधिकारी सस्पेंड, धान उठाव में गड़बड़ी करने वाले मिलरों पर भी FIR दर्ज”

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मुंगेली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में धान खरीदी में हुए एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। लगभग 8 करोड़ रुपये की गंभीर अनियमितताओं के मामले में राज्य शासन ने सख्त कदम उठाते हुए मुंगेली के जिला खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

जांच में खुली पोल: मिलर्स और प्रभारियों की मिलीभगत

जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार, धान खरीदी केंद्रों पर लंबे समय से धान की आवक और उसके उठाव (Transport) को लेकर बड़े पैमाने पर खेल चल रहा था। धान की गुणवत्ता और मात्रा की नियमित निगरानी नहीं की गई, जिसका फायदा उठाकर मिलरों और केंद्र प्रभारियों ने सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई।

कलेक्टर की सख्ती, 7 आरोपी सलाखों के पीछे

इस मामले में केवल विभागीय कार्रवाई ही नहीं बल्कि कानूनी शिकंजा भी कसा गया है। धान खरीदी केंद्र प्रभारी और राइस मिलरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक इस घोटाले में संलिप्त कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

निलंबन आदेश और आरोप

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के उप सचिव भागवत जायसवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हुलेश डड़सेना पर निम्नलिखित आरोप हैं:

  • धान खरीदी केंद्रों के संचालन में गंभीर लापरवाही।

  • मिलरों द्वारा धान उठाव की निगरानी न करना।

  • परिवहन एवं भौतिक सत्यापन (Physical Verification) में भारी चूक।

निलंबन की अवधि के दौरान डड़सेना का मुख्यालय नवा रायपुर तय किया गया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन के तहत की गई है।

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