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‘बिना टेंडर’ शॉपिंग सेल: छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में बरसी ऐसी ‘कृपा’, अधिकारी बोले- नियम क्या होता है?

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रायपुर , छत्तीसगढ़ 12 जनवरी 2026 | छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में इन दिनों ‘शॉपिंग फेस्टिवल’ चल रहा था, वो भी ऐसा-वैसा नहीं, बल्कि ‘नो टेंडर, सीधी खरीदी’ वाला बम्पर ऑफर! साहबों को इतनी जल्दी थी कि टेंडर की प्रक्रिया उन्हें कछुए की चाल लगने लगी। नतीजा? नियम ताक पर रखे गए और करोड़ों के ऑर्डर ऐसे बांटे गए जैसे भंडारे में प्रसाद बंट रहा हो।

एक ही दिन में ‘शॉपिंग’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड!

बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने तो कमाल ही कर दिया। 15 अप्रैल 2025 का दिन इतिहास में दर्ज हो गया, जब एक ही दिन में 26 क्रय आदेश निकाल दिए गए। 1 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए उन्हें किसी विज्ञापन या निविदा की जरूरत महसूस नहीं हुई। शायद वे “झट मंगनी, पट खरीदी” के सिद्धांत पर चल रहे थे।

महासमुंद और नारायणपुर के महाविद्यालय भी इस ‘शॉपिंग रेस’ में पीछे नहीं रहे। नारायणपुर में एक दिन में 22 ऑर्डर और महासमुंद में 36 ऑर्डर! ऐसा लगा मानो कॉलेजों में शिक्षा से ज्यादा ‘कलेक्शन’ बढ़ाने की होड़ मची हो।

नियमों को लगी ‘नजर’, अब निलंबन की गाज

जब करोड़ों के वारे-न्यारे की खबर शासन तक पहुँची, तो विभाग ने अपनी ‘जांच वाली दूरबीन’ निकाली। पता चला कि पारदर्शिता और जवाबदेही जैसी चीजें तो फाइलों के नीचे दबी पड़ी थीं। अब शासन ने “रिटर्न गिफ्ट” के तौर पर निलंबन का वारंट थमा दिया है।

  • महावीर और प्राचार्य नपे: लोहारकोट महासमुंद के प्राचार्य और क्रय समिति को घर बैठा दिया गया है।

  • प्रोफेसरों की छुट्टी: बिलासपुर और नारायणपुर के 4 सहायक प्राध्यापकों को भी ‘विश्राम’ पर भेज दिया गया है। 

  • कॉलेजों में छात्रों को ‘ईमानदारी’ का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन शायद कुछ गुरुजी ‘बिना टेंडर मैनेजमेंट’ में पीएचडी कर रहे थे। अब जब कुर्सी छिन गई है, तो समझ आ रहा होगा कि सरकारी पैसा ‘अपना’ नहीं होता!

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