महासमुंद, छत्तीसगढ़ 12 जनवरी। राष्ट्रीय राजमार्ग 53 (NH-53) पर आज दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कमर्शियल गैस सिलेंडरों से भरी एक महिंद्रा पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। वाहन के पलटते ही सिलेंडरों में भीषण आग लग गई, जिसके बाद हुए सिलसिलेवार विस्फोटों ने पूरे इलाके को दहला दिया। गनीमत रही कि इस खौफनाक मंजर के बीच अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है।

आग का गोला बना वाहन, आसमान में उठीं लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप के पलटते ही घर्षण की वजह से आग लगी जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। सिलेंडरों में रिसाव होने के कारण एक के बाद एक जोरदार धमाके होने लगे। धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और आसमान में धुएं का गुबार व आग की ऊँची लपटें दूर से ही देखी जा रही थीं।
दहशत में आए राहगीर, नेशनल हाईवे पर थमी रफ्तार
धमाकों की गूंज सुनकर सड़क के दोनों ओर मौजूद लोग और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। सुरक्षा की दृष्टि से नेशनल हाईवे पर यातायात को तत्काल रोक दिया गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी दहशत का माहौल बना रहा।
प्रशासन और फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत और जोखिम उठाते हुए आग पर काबू पाया। पुलिस ने घेराबंदी कर लोगों को घटनास्थल से दूर रखा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
जांच के घेरे में सुरक्षा मानक
प्रारंभिक जांच में पुलिस ओवरलोडिंग या वाहन में तकनीकी खराबी को हादसे की वजह मान रही है। हालांकि, ज्वलनशील गैस सिलेंडरों की असुरक्षित तरीके से ढुलाई को लेकर एक बार फिर सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन चालक और मालिक के खिलाफ सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर कार्रवाई की जा सकती है।
अपील: प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ज्वलनशील पदार्थों के परिवहन के दौरान विशेष सावधानी बरतें और ऐसी आपात स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखें।








