रायपुर | विशेष संवाददाता :छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और उप स्वास्थ्य केंद्रों में न केवल सर्दी-जुकाम, बल्कि शुगर, थायराइड और खून पतला करने जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी मुफ्त मिलेंगी।
दवाओं के कोटे में भारी बढ़ोतरी
स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी दवाओं की सूची (Essential Drug List) को अपडेट करते हुए दवाओं की संख्या में करीब 80% से 100% तक की वृद्धि की है। विभाग का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी दवाओं और गंभीर बीमारियों के फॉलो-अप के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज के चक्कर न काटने पड़ें।
नया दवा वितरण ढांचा एक नजर में:
| अस्पताल का प्रकार | वर्तमान दवाओं की संख्या | अब उपलब्ध होंगी |
| सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) | 196 | 365 |
| प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) | 146 | 247 |
| उप स्वास्थ्य केंद्र (SHC) | सीमित (सामान्य) | 146 |
उप स्वास्थ्य केंद्रों का होगा कायाकल्प
अब तक उप स्वास्थ्य केंद्रों में केवल प्राथमिक उपचार और सामान्य सर्दी-खांसी की दवाएं ही मिलती थीं। नई व्यवस्था के तहत अब इन केंद्रों पर भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्तर की 146 तरह की दवाएं मिलेंगी। इसमें एंटी-बायोटिक दवाओं के साथ-साथ दर्द निवारक इंजेक्शन भी शामिल होंगे, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल राहत मिल सकेगी।
मरीजों को आर्थिक और शारीरिक राहत
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन बुजुर्गों और मरीजों को मिलेगा जिन्हें हर महीने शुगर या थायराइड की दवाओं के लिए लंबी दूरी तय कर शहर जाना पड़ता था। इससे मरीजों का न केवल किराया बचेगा, बल्कि समय पर इलाज मिलने से उनकी सेहत में भी सुधार होगा।
“स्वास्थ्य विभाग इस नई व्यवस्था की लगातार समीक्षा भी करेगा। यदि वितरण प्रणाली में कोई खामी आती है, तो उसे तुरंत दुरुस्त किया जाएगा ताकि अंतिम छोर तक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।” — स्वास्थ्य विभाग, छत्तीसगढ़








