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कोरबा: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गरजा कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन, विशाल रैली निकाल सरकार को दी चेतावनी

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कोरबा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर आयोजित तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन के अंतिम दिन बुधवार को कोरबा जिला मुख्यालय में भारी शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। जिले भर से आए हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी लंबित व जायज मांगों को लेकर हुंकार भरी और शहर में एक विशाल रैली निकाली। आंदोलन को मिले अभूतपूर्व समर्थन ने शासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

रैली के पश्चात फेडरेशन के प्रमुख पदाधिकारियों—के.आर. डहरिया, जगदीश खरे, तरुण सिंह राठौर और अन्य—के नेतृत्व में अपर कलेक्टर ओंकार यादव को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। अपर कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि मांगों को शासन स्तर तक त्वरित संप्रेषित किया जाएगा।

प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा फेडरेशन:

कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • DA एवं वेतनमान: केंद्रीय कर्मचारियों के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) और समयमान वेतनमान की स्वीकृति।

  • नियमितीकरण: संविदा, दैनिक वेतन भोगी और अनियमित कर्मचारियों का तत्काल नियमितीकरण।

  • सुविधाएं: कैशलेस चिकित्सा सुविधा और अर्जित अवकाश के नगदीकरण की बहाली।

  • VSK ऐप का विरोध: विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप को निजी मोबाइल के बजाय सरकारी सिस्टम पर चलाने की सुविधा देना।

  • शिक्षा विभाग: टेट (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग।

“निर्णय नहीं तो उग्र होगा आंदोलन”

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि शासन ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन और अधिक उग्र होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कार्यक्रम के अंत में फेडरेशन ने आंदोलन की सफलता के लिए जिले के समस्त विभागों के कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एकजुटता बनाए रखने की अपील की।

प्रमुख उपस्थिति

आंदोलन में मुख्य रूप से ओमप्रकाश बघेल, आर.डी. श्रीवास, पीयूष निर्मलकर, एम.एस. राठिया, नित्यानंद यादव, कृति लहरे, विनोद सांडे, आर.आर. श्रीवास, राजेश तिवारी, सी.एल. पटेल, रामकपुर कुर्रे, तरूण वैष्णव, लोकनाथ सेन, अशोक राठिया, अशोक कश्यप, संतोषी सिंह, सपना राजपूत, ज्योति सिंह, सीमा लाल सहित हजारों कर्मचारी शामिल रहे।

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