Latest News
गणेशोत्सव जुलूस के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर विवाद, चाकूबाजी में 16 वर्षीय किशोर की मौत भारत की थाली का सच: क्या भारत केवल शाकाहारी देश है? BRICS डिनर, राहुल गांधी का दावा और भारतीय खान-पान का इतिहास कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च कोरबा में आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: अर्धचंद्र के ऊपर चमका बेहद खूबसूरत तारा, जानें क्या है इसका खगोलीय सच बालको मेडिकल सेंटर के चौथे वार्षिक बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ गणेशोत्सव से पहले कोरबा पुलिस का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 105 अपराधियों पर कार्रवाई, 60 वारंटी भेजे गए जेल
Home » छत्तीसगढ़ » Chhattisgarh: तीरंदाजी में टोमन कुमार की बुलंद उड़ान

Chhattisgarh: तीरंदाजी में टोमन कुमार की बुलंद उड़ान

Share:

 

CG News:छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के अहिबरनवा गांव के रहने वाले टोमन कुमार ने दक्षिण कोरिया में आयोजित विश्व पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया है। टोमन की कहानी साहस और जज़्बे की मिसाल है, जो हमें प्रेरित करती है।

चोट ने बदली जिंदगी

तीन साल पहले झारखंड के माओवादी ऑपरेशन के दौरान CRPF की टुकड़ी में शामिल टोमन बारूदी विस्फोट का शिकार हुए और उनका चांया पैर खो गया। लेकिन इस चोट ने उन्हें नहीं तोड़ा; बल्कि नई उड़ान भरने की प्रेरणा दी।

स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने के बावजूद नहीं मिला सम्मान

विश्व पैरा तीरंदाजी में स्वर्ण और कांस्य जीतने के बावजूद सरकार की ओर से टोमन को कोई आर्थिक सहायता या सम्मान नहीं मिला। उनका अगला लक्ष्य पैरालिंपिक 2028 में पदक जीतना है।

पैरालिंपिक में पदक जीतने का लक्ष्य

दक्षिण कोरिया में हुई प्रतियोगिता के बाद भारतीय तीरंदाजी टीम अगले साल होने वाली एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी, जिसमें टोमन कुमार भी शामिल होंगे। इस आधार पर भारत की पैरालिंपिक टीम का चयन किया जाएगा। तैयारी के लिए टोमन औरंगाबाद के ट्रेनिंग सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं।

हौसला और मेहनत की कहानी

टोमन ने अपना पहला नेशनल मुकाबला पटियाला में अपने कोच के कंपाउंड धनुष से खेला। अंतरराष्ट्रीय मानक का यह धनुष और उपकरण करीब 5.5 लाख रुपये का था। अपने सपनों को सच करने के लिए टोमन ने 2024 में अपनी बचत से दो लाख रुपये खर्च कर अपना पहला धनुष खरीदा। आज भी उनके कोच पंकज सिंह उन्हें तकनीकी और उपकरणों में मदद करते हैं।

Leave a Comment

latest news