Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा विभाग की “अतिथि व्याख्याता नीति-2024” विवादों में घिर गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस नीति में संशोधन की मांग की है, क्योंकि इसमें स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता नहीं दी गई है।
नीति का विवाद
सरगुजा संभाग के महाविद्यालयों में 34 पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति हुई, जिसमें से 15 पद अन्य राज्यों के निवासियों को मिले, जबकि केवल 19 पद छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को दिए गए। इस पर स्थानीय युवाओं में नाराजगी है।
नेता प्रतिपक्ष का आरोप
डॉ. महंत ने आरोप लगाया है कि नीति में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि उम्मीदवार छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए। इससे बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को भी समान रूप से मौका मिल रहा है, जो छत्तीसगढ़ के युवाओं के हितों के खिलाफ है।
मध्य प्रदेश का उदाहरण
महंत ने तर्क दिया कि मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग की नियमावली के अनुसार, अतिथि विद्वान पदों के लिए मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को भी अपने युवाओं के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
तत्काल संशोधन की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की है कि “अतिथि व्याख्याता नीति-2024” में तत्काल संशोधन किया जाए और मध्य प्रदेश की तर्ज पर केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को ही पात्र माना जाए।








