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भाजपा ओबीसी मोर्चा की बैठक: केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू बोले— 67 जातियां हमारी विविधता, लेकिन सांस्कृतिक विरासत एक

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रायपुर 7 सितंबर । रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सोमवार को भाजपा ओबीसी मोर्चा की संभागीय बैठक एवं प्रबुद्धजन सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज की एकजुटता, सामाजिक सशक्तीकरण और संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू और उनकी पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर समाज को जोड़ने और जागरूक करने का कार्य संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान कर रहा है।

67 जातियां, पर सांस्कृतिक मूल्य एक छत्तीसगढ़ के सामाजिक ताने-बाने का उल्लेख करते हुए तोखन साहू ने कहा कि राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत लगभग 67 जातियां आती हैं। भले ही जातियां अलग-अलग हैं, लेकिन उनकी परंपराएं, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्य एक समान हैं। यही एकता समाज की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज से आने वाला व्यक्ति देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचा है, जो पूरे समुदाय के लिए गौरव की बात है।

ओबीसी आरक्षण के ऐतिहासिक संघर्ष का जिक्र अपने संबोधन में उन्होंने पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने काका कालेलकर आयोग, मंडल आयोग की सिफारिशों और 1990 में लागू हुए ओबीसी आरक्षण का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1992 के ऐतिहासिक इंद्रा साहनी मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ओबीसी आरक्षण को संवैधानिक मान्यता तो मिली, लेकिन लंबे समय तक पिछड़ा वर्ग आयोग को पूर्ण अधिकार नहीं मिल सके थे।

मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसलों की बनाई सूची केंद्रीय राज्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग के हित में लिए गए प्रमुख निर्णयों को गिनाया:

  • 102वां संविधान संशोधन: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया।

  • क्रीमी लेयर सीमा: क्रीमी लेयर की आय सीमा में बढ़ोतरी की गई।

  • रोहिणी आयोग: विसंगतियों को दूर करने हेतु न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग का गठन हुआ।

  • NEET में आरक्षण: वर्ष 2021 से ऑल इंडिया कोटा की MBBS और PG सीटों में ओबीसी के लिए 27% आरक्षण लागू किया गया।

  • 105वां संविधान संशोधन: राज्यों को अपनी ओबीसी सूची खुद तैयार करने का अधिकार वापस दिया गया।

सामाजिक न्याय योजनाओं से लागू हो, केवल नारे से नहीं तोखन साहू ने आह्वान किया कि सामाजिक न्याय केवल राजनीतिक नारे तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाओं के माध्यम से धरातल पर दिखे। उन्होंने सभी से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

कार्यक्रम में ये वरिष्ठ नेता रहे मौजूद इस अवसर पर भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजय जामवाल, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश ओबीसी मोर्चा प्रभारी लखन साहू, प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा अशोक साहू सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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