रायपुर (छत्तीसगढ़) 6 सितंबर। वर्ष 2013 के चर्चित झीरम घाटी नक्सली नरसंहार मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कोर्ट के हालिया फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस फैसले, पूरे प्रकरण के महत्वपूर्ण तथ्यों और पार्टी के पक्ष को जनता के सामने रखने के लिए राज्य स्तर पर व्यापक कदम उठाने का निर्णय लिया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के निर्देशानुसार, 6 सितंबर 2026 को प्रदेश के सभी जिला और शहर मुख्यालयों में जिला-स्तरीय पत्रकारवार्ता (प्रेस कॉन्फ्रेंस) का आयोजन किया जाएगा।
वरिष्ठ नेता और विधायक संभालेंगे कमान
पार्टी द्वारा जारी निर्देश पत्र (पत्र क्रमांक 425, दिनांक 05/09/2026) के अनुसार, इस पत्रकारवार्ता में स्थानीय वरिष्ठ नेता, क्षेत्रीय विधायक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू द्वारा सभी जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पत्रकारवार्ता के बाद सभी जिलों से विस्तृत प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजने के लिए कहा गया है।
झीरम नरसंहार: न्याय की प्रतीक्षा और दर्द
पत्र में कांग्रेस ने झीरम घाटी की दुखद घटना का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ को झकझोर देने वाला जघन्य हमला करार दिया है। इस हमले में कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और सुरक्षा जवानों ने अपनी जान गंवाई थी। पार्टी का कहना है कि यह घटना आज भी छत्तीसगढ़ के जनमानस के लिए एक गहरा घाव है और लोग अब भी पूर्ण न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई प्रतिलिपि
इस आयोजन की सूचना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव सहित संगठन के सभी वरिष्ठ सचिवों, सांसदों, विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों को सूचनार्थ प्रेषित की गई है।
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