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बस्तर के लाल चमके: ‘ज्ञानगुड़ी’ के 4 छात्रों ने NEET में रचा इतिहास, रायपुर से जगदलपुर तक मेडिकल कॉलेज में एडमिशन

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रायपुर 31 अगस्त Bastar Gyan Gudi :

रायपुर  31 अगस्त Bastar Gyan Gudi : छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों की प्रतिभाओं को सही दिशा और अवसर मिले तो वे इतिहास रचने में पीछे नहीं हटते। बस्तर जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग संस्थान ‘ज्ञानगुड़ी’ ने इस बात को साबित कर दिखाया है। संस्थान के चार होनहार विद्यार्थियों ने NEET काउंसलिंग के पहले ही राउंड में शासकीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीट हासिल कर पूरे बस्तर का नाम रोशन किया है।

इस शैक्षणिक सत्र में ज्ञानगुड़ी के कुल 90 विद्यार्थियों में से 50 ने NEET परीक्षा पास की है। पहले ही चरण में एमबीबीएस सीट हासिल करने वाले विद्यार्थियों में:

  • समीर मरकाम — शासकीय मेडिकल कॉलेज (डिमरापाल, जगदलपुर)

  • गीतेश्वरी सलाम — शासकीय मेडिकल कॉलेज (डिमरापाल, जगदलपुर)

  • कुमारी कृष्णा सेन — कांकेर मेडिकल कॉलेज

  • खुशबू बिस्वास — पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (रायपुर)

कलेक्टर ने भेंट किया टैबलेट, बस्तर लौटकर सेवा की अपील सफल विद्यार्थियों ने बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा से कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौजन्य मुलाकात की। कलेक्टर ने छात्रों की इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनकी उच्च शिक्षा और डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए सभी को टैबलेट भेंट किए।

मुलाकात के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के प्रयासों की सराहना की और छात्रों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वापस बस्तर लौटें ताकि यहां के जरूरतमंद और ग्रामीण लोगों की सेवा की जा सके।

पिन-पॉइंट मार्गदर्शन और समर्पित तैयारी सफल छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन के निरंतर सहयोग और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी लगातार ज्ञानगुड़ी केंद्र का दौरा कर समय प्रबंधन, विषयवार तैयारी और परीक्षा रणनीति पर पिन-पॉइंट सुझाव देते रहे, जिसने उनकी नींव मजबूत की।

ज्ञानगुड़ी की यह सफलता यह साबित करती है कि अगर ग्रामीण व दूरस्थ अंचल के बच्चों को सही समय पर बेहतर अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन मिले, तो वे भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं।

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