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छत्तीसगढ़ में अन्वेषण से मैन्युफैक्चरिंग तक विकसित होगी मिनरल वैल्यू चेन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर 31 अगस्त .छत्तीसगढ़ में उपलब्ध समृद्ध खनिज संपदा और क्रिटिकल मिनरल्स की व्यापक संभावनाएं प्रदेश को विकास के नए क्षितिज पर ले जाने की क्षमता रखती हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल धरती से खनिज निकालना नहीं, बल्कि अन्वेषण से उत्खनन, प्रसंस्करण से मूल्य संवर्धन और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग से रिसाइक्लिंग तक पूरी मिनरल वैल्यू चेन छत्तीसगढ़ में विकसित करना है। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त के रोड शो को संबोधित करते हुए कही।

रक्षा, एआई और क्लीन एनर्जी के लिए क्रिटिकल मिनरल्स आवश्यक

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन’ से देश में खनिज अन्वेषण को नई गति मिली है। आज के तकनीकी परिदृश्य में रक्षा उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के लिए लिथियम, ग्रेफाइट, वैनेडियम, निकेल और क्रोमियम जैसे खनिजों की विश्वसनीय उपलब्धता राष्ट्रीय सुरक्षा व आर्थिक आत्मनिर्भरता की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

5 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी, निवेशकों का आह्वान

क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त में देश के 7 राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक्स शामिल हैं, जिनमें से 5 ब्लॉक्स छत्तीसगढ़ के हैं। कटघोरा और बस्तर में लिथियम एवं आरईई, बलरामपुर में ग्रेफाइट-वैनेडियम, बालोद में फास्फोराइट और महासमुंद में निकेल व क्रोमियम की संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के निवेशकों से इन ब्लॉक्स की नीलामी में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

प्रमुख डिजिटल पहल एवं महत्वपूर्ण समझौते (MoU)

  • ई-रेत संगवारी पोर्टल: पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर पारदर्शी तरीके से रेत उपलब्ध कराने हेतु शुभारंभ।

  • टिन पोर्टल: दंतेवाड़ा क्षेत्र के आदिवासी परिवारों को टिन अयस्क का उचित मूल्य दिलाने और व्यापार को पारदर्शी बनाने के लिए शुरुआत।

  • सीएमडीसी के दो बड़े MoU:

    1. इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB): खनिज क्षेत्र में वित्तीय सहयोग और निवेश को गति देने हेतु।

    2. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय: कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग के क्षेत्र में युवाओं के कौशल विकास और प्रशिक्षण हेतु।

  • माइनर मिनरल्स पुस्तक का विमोचन: कार्यक्रम में माइनर मिनरल्स पर केंद्रित विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया और 3 लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए NIT जारी की गई।

केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का संबोधन

  • केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे: उन्होंने कहा कि भारत अब तक इन खनिजों के लिए आयात पर निर्भर था, लेकिन अब आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के तहत देश में ही सतत एवं जिम्मेदार खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

  • केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू: उन्होंने जोर दिया कि खनन के साथ-साथ स्थानीय क्षेत्रों में आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन जैसी नागरिक सुविधाओं का सुनियोजित विकास जरूरी है।

  • मुख्य सचिव विकास शील: उन्होंने बताया कि राज्य में निवेश को सरल बनाने के लिए 43 सेवाओं को रिस्क-रेटेड अप्रोच के तहत अधिसूचित किया गया है। निवेशकों को वन, पर्यावरण और भूमि अधिग्रहण में पूरी हैंडहोल्डिंग सपोर्ट दी जा रही है।

  • खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र: उन्होंने जानकारी दी कि देश में अब तक 88 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनमें से 56 की सफल नीलामी हो चुकी है। भारत का पहला लिथियम ब्लॉक भी छत्तीसगढ़ के कटघोरा में नीलाम हुआ था।

  • खनिज सचिव पी. दयानंद व संचालक रजत बंसल: उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ को रिकॉर्ड ₹16,700 करोड़ का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ। बीते ढाई वर्षों में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट्स और 2,800 किमी से अधिक का जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया गया है।

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