नई दिल्ली 26 अगस्त : केंद्र सरकार ने देश भर के लाखों कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए ‘Payment of Bonus’ से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 25 अगस्त 2026 को राजपत्र अधिसूचना (S.O. 4710(E)) जारी कर बोनस की गणना के लिए वेतन सीमा के प्रावधानों को अपडेट किया है।

यह संशोधन ‘Code on Wages, 2019’ की धारा 26(2) के तहत किया गया है, जिसे 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है।
क्या बदला है बोनस की गणना में? नये नियमों के अनुसार, ₹7,000 प्रति माह से अधिक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों के बोनस की गणना अब केवल ₹7,000 की स्थिर (Fixed) सीमा तक सीमित नहीं रहेगी।
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नया आधार: बोनस गणना के लिए अब ₹7,000 या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ‘न्यूनतम मजदूरी’ (Minimum Wage), जो भी अधिक होगी, उसे आधार माना जाएगा।
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कर्मचारियों को लाभ: जिन क्षेत्रों में केंद्र सरकार की न्यूनतम मजदूरी ₹7,000 से अधिक है, वहां के कर्मचारियों का बोनस अब बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी दर से तय होगा।
श्रमिकों और संगठनों के लिए क्यों खास है यह फैसला? अब तक ₹7,000 की स्थिर सीमा के कारण कर्मचारियों को बोनस का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। बोनस की गणना को न्यूनतम मजदूरी से जोड़ने से वर्तमान और भविष्य में बढ़ने वाली मजदूरी दरों का सीधा असर कर्मचारियों के बोनस पर पड़ेगा। हालांकि, कर्मचारी को मिलने वाला अंतिम बोनस उसकी पात्रता, वास्तविक वेतन और लागू न्यूनतम मजदूरी दर पर निर्भर करेगा।








