छत्तीसगढ़ की गेवरा खदान में उतरी देश की पहली 21 CuM इलेक्ट्रिक शॉवेल, कोयला खनन के नए युग की शुरुआत
कोरबा / रायपुर 24 अगस्त Green Mining Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान—एसईसीएल (SECL) की गेवरा मेगा परियोजना—ने आज खनन प्रौद्योगिकी में एक नया इतिहास रच दिया है। खदान परिसर में देश के पहले 21 CuM क्षमता वाले अत्याधुनिक इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री हरीश दुहन ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस विशालकाय मशीन का लोकार्पण किया।
यह अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक शॉवेल न केवल खदान की कोयला उत्पादन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि करेगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और उच्च दक्षता वाले खनन परिचालन को नई दिशा भी देगा।

आधुनिक तकनीक और सुरक्षा सुविधाओं से लैस
वार्षिक लगभग 5.31 मिलियन घनमीटर उत्पादन क्षमता वाली यह मशीन आधुनिक सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरी उतरती है।
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सुरक्षा एवं निगरानी: 360-डिग्री कैमरा, ऑपरेटर फटीग मॉनिटरिंग सिस्टम और गैस-आधारित ऑटोमैटिक फायर सप्रेशन सिस्टम।
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ऑपरेटर कम्फर्ट: FOPS (फ्रंट ओवरऑल प्रोटेक्टिव स्ट्रक्चर) मानक से सुरक्षित केबिन, एयर-सस्पेंशन सीट, एडजस्टेबल जॉयस्टिक और सुविधाजनक हाइड्रोलिक सीढ़ियां।
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स्मार्ट कनेक्टिविटी: रियल-टाइम परफॉर्मेंस ट्रैकिंग के लिए इस मशीन को एसईसीएल के डिजिटल फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम (FMS) से सीधा जोड़ा गया है।
लोकार्पण समारोह में एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी, योजना एवं परियोजना) श्री रमेश चंद्र महापात्र, एजीएम श्री संजय मिश्रा सहित गेवरा परियोजना के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।








