बांग्लादेश : बांग्लादेश की पहली ट्रांसजेंडर टीवी न्यूज एंकर और अभिनेत्री तस्नुवा अनन शिशिर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी शादी और उससे जुड़ा विवाद है। तस्नुवा ने ढाका के प्रसिद्ध ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर में एक हिंदू पुरुष के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह रचाया। शादी की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के करीब दो हफ्ते बाद यह मामला सार्वजनिक बहस, धार्मिक पहचान, ट्रांसजेंडर अधिकारों और कानूनी दांव-पेचों के बीच बड़े विवाद का रूप ले चुका है।
Advt

मंदिर में पारंपरिक शादी और दस्तावेजों पर विवाद
तस्नुवा अनन शिशिर ने मंदिर में मांग में सिंदूर और हाथों में शंख की चूड़ियां पहनकर एक पारंपरिक हिंदू दुल्हन के रूप में फेरे लिए। दोनों पक्षों ने मंदिर में आवश्यक औपचारिकताएं और दस्तावेज पूरे किए थे। हालांकि, शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठने लगे।
मंदिर समिति के महासचिव डीएन चटर्जी ने बताया कि विवाह के समय उन्हें दुल्हन की ट्रांसजेंडर पहचान और मुस्लिम बैकग्राउंड की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बड़ी रकम लेकर शादी कराने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर को नियमानुसार सिर्फ 2,000 बांग्लादेशी टका की दक्षिणा मिली थी।
विवाद का मुख्य कारण शादी में जमा कराए गए दस्तावेज बताए जा रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर में ‘शिशिर विश्वास’ नाम से हिंदू पहचान से जुड़े कागजात जमा किए गए थे। मंदिर प्रबंधन ने गलत जानकारी देकर विवाह कराने का आरोप लगाते हुए पुलिस को दस्तावेज सौंप दिए हैं। पुलिस का कहना है कि कागजात की समीक्षा की जा रही है और औपचारिक शिकायत मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
विरोध, ट्रांसजेंडर अधिकार और कानूनी पेच
शादी की खबर फैलते ही बांग्लादेश में दक्षिणपंथी और रूढ़िवादी समूहों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। लगभग 1,230 लोगों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस विवाह को ‘अवैध समलैंगिक विवाह’ बताते हुए मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी तरफ, LGBTQ+ और ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस विरोध की कड़ी निंदा की है। समर्थकों का तर्क है कि एक ट्रांसजेंडर महिला की पहचान को नकारकर इस रिश्ते को समलैंगिक शादी बताना उसकी जेंडर आइडेंटिटी (लैंगिक पहचान) का अपमान है।
बांग्लादेश में कानूनी स्थिति की बात करें तो Penal Code, 1860 की धारा 377 ‘प्रकृति के विरुद्ध’ यौन संबंधों को अपराध मानती है, जिसमें अधिकतम उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि धारा 377 एक आपराधिक प्रावधान है, जबकि विवाह की वैधता का मामला अलग है। इसी कानूनी अस्पष्टता के कारण इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
श्रीलंका में मनाया हनीमून
तमाम विवादों और चर्चाओं के बीच, तस्नुवा ने अपनी शादी के बाद पति के साथ श्रीलंका में हनीमून मनाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने खूबसूरत अनुभवों और यात्रा की तस्वीरें भी साझा कीं। हालांकि, उन्होंने अपने पति का नाम और व्यक्तिगत पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
कौन हैं तस्नुवा अनन शिशिर?
तस्नुवा अनन शिशिर बांग्लादेश की जानी-मानी मॉडल, अभिनेत्री, सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व न्यूज एंकर हैं।
-
ऐतिहासिक उपलब्धि: 8 मार्च 2021 (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) के दिन ‘बोइशाखी टेलीविज़न’ पर समाचार पढ़कर वह बांग्लादेश की पहली ट्रांसजेंडर न्यूज एंकर बनी थीं।
-
अंतरराष्ट्रीय पहचान: उनकी पहली ऑन-एयर न्यूज बुलेटिन को देश में ट्रांसजेंडर समुदाय के समावेशन की दिशा में बड़ा कदम माना गया था। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि की तस्वीर को ‘Time’ पत्रिका की 2021 की 100 सर्वश्रेष्ठ तस्वीरों (100 Best Photos) में में भी स्थान मिला था।
📍 -








