मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) : जिले के नए संयुक्त जिला कलेक्टर कार्यालय भवन के भूमिपूजन के साथ ही क्षेत्र का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कार्यक्रम के आयोजन, आमंत्रण और स्थल चयन को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो द्वारा सोशल मीडिया पर उठाए गए सवालों के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और पूर्व विधायक के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है।

प्रोटोकॉल और लोकेशन पर पूर्व विधायक के गंभीर आरोप
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने आरोप लगाया है कि कलेक्टर कार्यालय का भूमिपूजन बिना उचित प्रोटोकॉल, जनप्रतिनिधियों और जिला निर्माण के लिए आंदोलन करने वाले संघर्षकारियों को आमंत्रित किए बिना जल्दबाजी में किया गया।
उन्होंने भवन के स्थल चयन पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इसे राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप ऐसी जगह बनाया जाना चाहिए था, जहाँ जनकपुर और कोटाडोल जैसे सुदूर वनांचल क्षेत्रों से आने वाले आदिवासियों व ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा हो।
मंच से स्वास्थ्य मंत्री का पलटवार
भूमिपूजन कार्यक्रम के मंच से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने MCB को केवल कलेक्टर और एसपी दिए, उनके कार्यालयों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की।
स्थल विवाद पर मंत्री ने कहा कि सुदूर क्षेत्रों से आने वाले लोग यदि इतनी दूर आ सकते हैं, तो आवश्यकता पड़ने पर पाँच किलोमीटर आगे भी जा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि भरतपुर क्षेत्र में लगभग 1000 करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं और विकास न देखने वालों को “पावर वाला चश्मा” लगाने की सलाह दी।
गुलाब कमरो का करारा जवाब
मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए गुलाब कमरो ने कहा, “चश्मे की जरूरत मंत्री जी को है, मुझे नहीं।”
उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के 15 साल के शासनकाल और मंत्री के विधायक रहते MCB जिला क्यों नहीं बना? कमरो ने कहा कि जिला कांग्रेस सरकार ने बनाया और सड़कें क्षेत्रीय नेताओं के प्रयासों से बन रही हैं, लेकिन भाजपा अब इसका श्रेय लेने की होड़ में लगी है। साथ ही उन्होंने मंत्री के ‘पावर वाला चश्मा’ और ‘5 किमी अतिरिक्त दूरी’ वाले बयानों को वनांचल के गरीब आदिवासियों की जमीनी समस्याओं के प्रति असंवेदनशील करार दिया।
कलेक्टर कार्यालय के इस भूमिपूजन ने MCB जिले के निर्माण के वास्तविक श्रेय और क्षेत्रीय विकास की राजनीतिक विरासत को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।








