Latest News
कोरबा में धूमधाम से मना छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026, विकास की उपलब्धियों और समृद्ध संस्कृति का दिखा संगम नाथद्वारा: श्रीनाथजी मंदिर में “श्री लाल गोविंद मंडान” का शुभारंभ, मर्जादी वैष्णवों के लिए निःशुल्क महाप्रसाद की व्यवस्था शुरू आत्मसम्मान से समझौता नहीं! सिंगर दलेर मेहंदी विवाद पर बोले मंत्री सुबोध उनियाल- ‘इस्तीफा दे दूंगा, पर माफी नहीं मांगूंगा’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराया भीषण चक्रवात ‘मुरासु’, 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हवाएं; ओडिशा-पुडुचेरी में अलर्ट धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण टिप्पणी पर गर्माई राजनीति: दिग्विजय बोले ‘मूर्ख’, बघेल का कटाक्ष- ‘रेबीज की जांच हो’ रायपुर: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने पार किया 45 हजार बाल शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जताई खुशी
Home » राजनीति » “मुझे फंसाया गया!”… राजनीति की वेदी पर चढ़ा प्रोफेसर? 5 बार के MLA का आखिरी दर्दनाक सच, हिल गई बंगाल की सियासत!

“मुझे फंसाया गया!”… राजनीति की वेदी पर चढ़ा प्रोफेसर? 5 बार के MLA का आखिरी दर्दनाक सच, हिल गई बंगाल की सियासत!

Share:

सच्चाई या सियासी साजिश? सुसाइड नोट से उठे कई संगीन सवाल

बीरभूम (पश्चिम बंगाल): रामपुरहाट में पार्टी दफ्तर की दीवारों के पीछे एक ऐसी अनहोनी घटी जिसने पूरे बंगाल की राजनीति में सन्नाटा पसार दिया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 5 बार के विधायक और पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का संदिग्ध हालत में पंखे से झूलता शव मिला। जीवनभर एक प्रोफेसर की सादगी और नेता के रूप में साख कमाने वाले बनर्जी की मौत के बाद बरामद सुसाइड नोट ने कई बड़े और तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुसाइड नोट में छलका दर्द: “राजनीति में आना ही मेरी सबसे बड़ी भूल”

आशीष बनर्जी ने मरने से पहले बेहद भावुक और चौंकाने वाला सुसाइड नोट छोड़ा। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा:

“मैंने ज़िंदगी में कभी एक रुपये का भी भ्रष्टाचार नहीं किया। तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) के टेंडर, एनओसी, प्लान पास करने या चेक से जुड़े फैसलों में मेरी कोई भूमिका नहीं थी। फिर भी मुझे झूठे केसों में फंसाकर बदनाम करने का सुनियोजित खेल रचा गया। राजनीति में कदम रखना ही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी।”

उन्होंने अपने परिवार को राजनीति के साये से भी दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

मौत पर भड़की सियासत: हत्या, आत्महत्या या मानसिक उत्पीड़न?

इस दुखद घटना के बाद बंगाल की राजनीति का पारा चढ़ गया है। TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लगातार बदनाम करने और मानसिक रूप से तोड़ने वाली राजनीति ने एक बेदाग जनसेवक की जान ले ली। दूसरी तरफ बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने पूरे मामले पर संशय जताते हुए कहा कि यह आत्महत्या है या कोई बड़ी साजिश, इसकी निष्पक्ष पुलिस जांच होनी चाहिए।

प्रोफेसर से 5 बार के विधायक तक का सफर

  • राजनीतिक दबदबा: रामपुरहाट सीट से 2001 से 2021 तक लगातार 5 बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।

  • मुख्य जिम्मेदारी: ममता बनर्जी सरकार में कृषि और आयुष जैसे प्रमुख विभागों के मंत्री रहे और विधानसभा के डिप्टी स्पीकर का पद संभाला।

  • साफ छवि: रामपुरहाट कॉलेज में बतौर प्रोफेसर अध्यापन करने वाले बनर्जी की गिनती राज्य के सबसे शिक्षित और बेदाग नेताओं में होती थी।