Latest News
गणेशोत्सव जुलूस के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर विवाद, चाकूबाजी में 16 वर्षीय किशोर की मौत भारत की थाली का सच: क्या भारत केवल शाकाहारी देश है? BRICS डिनर, राहुल गांधी का दावा और भारतीय खान-पान का इतिहास कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च कोरबा में आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: अर्धचंद्र के ऊपर चमका बेहद खूबसूरत तारा, जानें क्या है इसका खगोलीय सच बालको मेडिकल सेंटर के चौथे वार्षिक बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ गणेशोत्सव से पहले कोरबा पुलिस का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 105 अपराधियों पर कार्रवाई, 60 वारंटी भेजे गए जेल
Home » कोरबा » कोरबा में जलप्रलय का खतरा: बांगो बांध के 10 और दर्री बैराज के 3 गेट खुले, उफान पर हसदेव, घरों में घुसा पानी

कोरबा में जलप्रलय का खतरा: बांगो बांध के 10 और दर्री बैराज के 3 गेट खुले, उफान पर हसदेव, घरों में घुसा पानी

Share:

 

कोरबा (छत्तीसगढ़)  Flood Alert : क्षेत्र में हो रही लगातार भारी बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी की तेज आवक के कारण मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। बांध का जलस्तर क्षमता के 93.65 प्रतिशत (358.60 मीटर) पर दर्ज होने के बाद बाढ़ नियंत्रण के लिए बांध के 11 में से 10 स्पिलवे गेट खोल दिए गए हैं।

बांगो बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण निचले इलाके में स्थित दर्री बैराज पर भी दबाव बढ़ गया है, जिसके चलते उसके भी 3 गेट खोलने पड़े हैं। इस वजह से हसदेव नदी रोद्र रूप धारण कर चुकी है और तटीय बस्तियों में पानी भराव की स्थिति निर्मित हो गई है।

जल निकासी का पूरा गणित बांध प्रबंधन के अनुसार मुख्य अभियंता (बिलासपुर) और अधीक्षण अभियंता (कोरबा) की अनुमति के बाद जल निकासी बढ़ाई गई है:

  • स्पिलवे गेट्स से निकासी: गेट नंबर 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 और 10 को अलग-अलग ऊंचाई पर खोलकर लगभग 32,080 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में बहाया जा रहा है।

  • हाइडल पावर प्लांट: पनबिजली संयंत्र के माध्यम से लगभग 9,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है।

  • कुल डिस्चार्ज: बांगो बांध और हाइडल प्लांट से मिलाकर वर्तमान में कुल 41,080 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में प्रवाहित हो रहा है।

निचले इलाकों और सीतामढ़ी में मंडराया खतरा

हसदेव नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कोरबा के सीतामढ़ी क्षेत्र सहित कई तटीय और निचली बस्तियों के मकान पानी की चपेट में आने लगे हैं। दर्री बैराज के गेट खुलने से दर्री और आसपास के क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है।

प्रशासन की अपील और राहत की स्थिति राहत की खबर यह है कि लगातार डिस्चार्ज के कारण पिछले ढाई घंटे से बांध का जलस्तर 358.60 मीटर पर स्थिर बना हुआ है। इसके बावजूद, नदी में जलस्तर और बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और बांध प्रबंधन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने और तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

Leave a Comment

latest news