Latest News
रामलीला मैदान की महारैली: INDIA गठबंधन की एकजुटता और सत्ता पक्ष के लिए बड़ी चुनौती झुंझुनू हादसा: करंट की चपेट में आने से 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत, प्रधानमंत्री और सीएम ने जताया गहरा शोक ममता बनर्जी का बदला राजनीतिक अंदाज: दिल्ली की रैली में सोनिया गांधी को बताया अपनी नेता, विपक्षी समीकरणों पर टकटकी ‘ये हिंदुस्तान आपके अब्बू जान का नहीं…’: रामलीला मैदान रैली पर बीजेपी का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार, मेगा रैली को बताया ‘फ्लॉप शो’  वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे से गूंजा रामलीला मैदान: विपक्ष ने दिखाई एकजुटता, 10 लाख की भीड़ का दावा .. देखें तस्वीर छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस: प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं से मिली नई ऊर्जा, मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार
Home » देश » भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा प्रणाली पर स्वामी रामदेव का बड़ा बयान, कहा- घपलेबाज़ी न रुकी तो फिर करना पड़ेगा आंदोलन

भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा प्रणाली पर स्वामी रामदेव का बड़ा बयान, कहा- घपलेबाज़ी न रुकी तो फिर करना पड़ेगा आंदोलन

Share:

 

नई दिल्ली: स्वाधीनता दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान योगगुरु स्वामी रामदेव ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कड़े सवाल उठाए हैं। रामदेव ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें एक बार फिर से जन-आंदोलन की राह पकड़नी पड़ सकती है।

शिक्षा क्षेत्र की बदहाली पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि देश के छोटे-छोटे स्कूलों से बच्चे बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं। कई स्थानों पर पानी, बिजली, शौचालय और शिक्षकों जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि जहाँ किताबें हैं वहाँ शिक्षक नहीं हैं, और जहाँ दोनों उपलब्ध हैं, वहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं के ‘पेपर लीक’ हो जाते हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब उच्च शिक्षा में प्रवेश केवल प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के आधार पर ही होना है, तो वर्तमान ढाँचे में बड़े बदलाव की आवश्यकता है।

सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू पर उठाए सवाल

सरकारी भर्तियों में धांधली का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि इंटरव्यू प्रक्रिया में भारी घपलेबाज़ी होती है। योग्यता को दरकिनार कर अपनी विचारधारा, जाति और पहचान के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है और रिश्वत के रूप में करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ हम ‘सत्यमेव जयते’ का नारा लगाते हैं, वहीं दूसरी तरफ भर्ती के परिणाम पहले से ही तय होते हैं। स्वामी रामदेव ने कहा कि यद्यपि वे आंदोलन के नाम पर किसी भी प्रकार की अराजकता के समर्थक नहीं हैं, लेकिन व्यवस्थागत भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

शिक्षा और पेपर लीक पर राजनीतिक सरगर्मी तेज

उल्लेखनीय है कि देश में हाल के दिनों में पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज रही है। हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए 36 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

वहीं, विपक्षी दल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेता अभिजीत दीपके ने स्कूलों की बुनियादी स्थिति को लेकर एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की है। दीपके ने संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर 20 जुलाई को हुई पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री से संसद में माफी मांगने की मांग की है।