रायपुर: छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून का मिजाज काफी मिला-जुला देखने को मिल रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 11 अगस्त 2026 तक राज्य में औसतन 658.1 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत (658.5 मिमी) का 99.9% है। आंकड़ों के लिहाज से मानसून भले ही संतुलन में नजर आ रहा हो, लेकिन जिलों के जमीनी हालात काफी जुदा हैं।

सबसे आगे और सबसे पीछे रहने वाले जिले
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अग्रणी जिले: मैदानी इलाकों में बादलों की जमकर मेहरबानी बरस रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला 189.8% (947.3 मिमी) बारिश के साथ प्रदेश में सबसे ऊपर है। इसके अलावा महासमुंद (140.7%), नारायणपुर (128.0%), रायपुर (126.7%), बलौदाबाजार (124.7%) और बलरामपुर (124.0%) में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है।
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पिछड़े जिले: दूसरी ओर, उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कई इलाके पानी के लिए तरस रहे हैं। सरगुजा (68.7%), जशपुर (75.4%), सुकमा (68.2%), कांकेर (69.2%), बीजापुर (71.7%), मोहला-मानपुर-अं.चौकी (72.1%) और बस्तर (74.9%) में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने से चिंता बढ़ गई है।
बीते 24 घंटों का हाल और आगे का पूर्वानुमान
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में औसतन 5.2 मिमी वर्षा हुई, जिसमें बिलासपुर (28.9 मिमी), मुंगेली (24.6 मिमी) और बालोद (18.4 मिमी) में अच्छे छीटे पड़े। वहीं, बस्तर और बीजापुर जैसे दक्षिणी जिलों में मौसम पूरी तरह सूखा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में कम बारिश वाले उत्तरी और दक्षिणी जिलों में मानसूनी गतिविधियों के तेज होने की पूरी उम्मीद है।
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