Latest News
गणेशोत्सव जुलूस के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर विवाद, चाकूबाजी में 16 वर्षीय किशोर की मौत भारत की थाली का सच: क्या भारत केवल शाकाहारी देश है? BRICS डिनर, राहुल गांधी का दावा और भारतीय खान-पान का इतिहास कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च कोरबा में आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: अर्धचंद्र के ऊपर चमका बेहद खूबसूरत तारा, जानें क्या है इसका खगोलीय सच बालको मेडिकल सेंटर के चौथे वार्षिक बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ गणेशोत्सव से पहले कोरबा पुलिस का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 105 अपराधियों पर कार्रवाई, 60 वारंटी भेजे गए जेल
Home » छत्तीसगढ़ » छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान: सामान्य से अधिक बारिश, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और नारायणपुर सबसे आगे .. देखें अन्य जिलों की स्थिति

छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान: सामान्य से अधिक बारिश, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और नारायणपुर सबसे आगे .. देखें अन्य जिलों की स्थिति

Share:

 रायपुर 1 अगस्त  Chhattisgarh Monsoon : छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की सक्रियता ने किसानों और आम जनता को बड़ी राहत दी है। राज्य के अधिकांश जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी है, जिससे न केवल खेतों में खरीफ फसलों की बुआई को बढ़ावा मिला है, बल्कि भू-जल स्तर और जलाशयों में भी पानी का अच्छा खासा सुधार देखने को मिल रहा है।

Advt

इस सीजन की अब तक की स्थिति
मौसम विभाग और राज्य स्तरीय वर्षा प्रतिवेदन के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 01 अगस्त 2026 तक पूरे प्रदेश में औसतन 557.5 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के औसत (541.2 मिमी) का 103 प्रतिशत है, जो यह साबित करता है कि इस बार राज्य में मानसून पूरी तरह मेहरबान है और सामान्य से अधिक पानी गिरा है।
सबसे आगे रहने वाले जिले (सामान्य से अधिक वर्षा)
प्रदेश के कई जिलों में बारिश ने पिछले सारे रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं:
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़: 193.2 प्रतिशत वर्षा के साथ यह जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर बना हुआ है।
  • नारायणपुर: 153 प्रतिशत वर्षा के साथ दूसरे स्थान पर है।
  • महासमुंद: 146.7 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।
  • अन्य प्रमुख जिले: रायपुर (135%), गरियाबंद (134.3%), जांजगीर-चांपा (130.7%), बलौदाबाजार (124.1%), बालोद (123%), धमतरी (118.6%), दुर्ग (117%), सक्ती (115.7%), बलरामपुर (111.3%), बिलासपुर (111%), मुंगेली (106.5%), राजनांदगांव (106.1%) और दंतेवाड़ा (106%) में भी सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
वास्तविक वर्षा के मामले में टॉप जिले
यदि प्रतिशत के बजाय गिर-चित वास्तविक वर्षा (मिलीमीटर में) की बात करें, तो इस मामले में नारायणपुर सबसे आगे है:
  • नारायणपुर: सर्वाधिक 996.8 मिमी वर्षा।
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़: 788.3 मिमी।
  • जांजगीर-चांपा: 728.5 मिमी।
  • महासमुंद: 725.0 मिमी।
  • दंतेवाड़ा: 715.1 मिमी।
  • गरियाबंद: 709.0 मिमी।
  • बीजापुर: 700.5 मिमी।
  • बालोद: 668.2 मिमी।
  • धमतरी: 640.0 मिमी।
  • बलौदाबाजार: 625.3 मिमी।
  • रायपुर: 612.6 मिमी।
अन्य जिलों की स्थिति
  • सामान्य के करीब रहने वाले जिले: कोरिया (99.7%), कोरबा (97.8%), रायगढ़ (97.1%), मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (96.6%), गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (95.8%) और सूरजपुर (95.7%)।
  • अन्य जिले: खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (91.1%), कोंडागांव (90.5%), कबीरधाम (88.2%), बस्तर (80.9%), बेमेतरा (78.1%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (75.4%), कांकेर (72.5%), जशपुर (72.1%), बीजापुर (71.8%), सरगुजा (67.5%) और सुकमा (66.1%)।
कृषि और जल संसाधनों पर प्रभाव
राज्य के मैदानी इलाकों समेत लगभग सभी हिस्सों में हो रही इस झमाझम बारिश से कृषि क्षेत्र को सबसे बड़ा फायदा मिला है। धान और अन्य खरीफ फसलों की बुआई का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के तमाम छोटे-बड़े जलाशयों में पानी का जलभराव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आगामी महीनों में सिंचाई और पेयजल की कोई समस्या नहीं होगी।
📍

Leave a Comment

latest news