मैड्रिड Spain Crisis : यूरोप के खूबसूरत देश स्पेन में इस समय अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। पड़ोसियों देशों से सटी समुद्री सीमाओं के रास्ते अचानक पहुंचे करीब 60,000 प्रवासियों की भीड़ ने स्थानीय जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मोरक्को और अफ्रीकी देशों से समुद्र तैरकर या खुद बनाई नावों के जरिए पहुंचे इन युवाओं ने स्पेन के सेउटा (Ceuta) और मेलिला (Melilla) क्षेत्रों में जमकर तांडव मचाया है।
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सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से बदली स्थिति
यह पूरा घटनाक्रम स्पेन की सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले के बाद शुरू हुआ। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि समुद्र के रास्ते स्पेन की सीमा में प्रवेश करने वाले प्रवासियों को तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता, जबकि जमीन के रास्ते आने वालों को डिपोर्ट किया जा सकता है।
मानवीय आधार पर सुनाए गए इस फैसले को प्रवासियों ने स्पेन में प्रवेश करने और नागरिकता पाने का ‘सुनहरा मौका’ मान लिया। चूंकि स्पेन यूरोपीय यूनियन का हिस्सा है, इसलिए प्रवासियों में यह उम्मीद जग गई कि एक बार स्पेन में पैर जमाने के बाद वे बिना वीजा या पासपोर्ट के पूरे यूरोप में कहीं भी जा सकेंगे।
घरों और दुकानों पर धावा, लूटपाट और तोड़फोड़
कल रात से सेउटा और मेलिला की सड़कों, समुद्र तटों और पार्कों में अवैध प्रवासियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि ये भीड़ लोगों के घरों में जबरन घुस रही है।
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जो लोग अपने घर के दरवाजे नहीं खोल रहे हैं, उनके दरवाजे तोड़कर अंदर दाखिल हुआ जा रहा है।
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खाने-पीने की चीजों से लेकर कीमती सामान तक, जो कुछ भी पसंद आ रहा है, उसे लूटा जा रहा है।
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कई जगहों पर उपद्रवी इमारतों की खिड़कियां तोड़ते और एयर कंडीशनर गिराकर अंदर घुसते देखे गए हैं।
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सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में भारी दहशत का माहौल है।
प्रशासन और सुरक्षाबलों पर भारी दबाव
बॉर्डर पर पहले से तैनात सुरक्षाबलों और पुलिस के लिए अचानक आई 60 हजार से अधिक लोगों की इस भीड़ को संभालना नामुमकिन सा हो गया है। हालात को नियंत्रित करने के लिए सेना और पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है, लेकिन संख्या बल कम होने के कारण स्थिति पर पूरी तरह काबू पाने में दिक्कत आ रही है। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और राजनीतिक सरगर्मी
इस संकट के चलते स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई जगहों पर हिंसक झड़पें भी देखने को मिली हैं जहां स्थानीय लोगों ने अकेले पड़ रहे प्रवासियों की पिटाई भी की है।
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स्पेन के नागरिक इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर मोरक्को के प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है।
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स्पेन की विपक्षी पार्टियों ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए नीतियों की कड़ी निंदा की है।
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स्पेन के हालातों को देखते हुए फ्रांस, इटली और अन्य यूरोपीय देशों ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी बढ़ा दी है।








