मुख्य बातें
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एक्स (X) बायो में बदलाव: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपने X अकाउंट के बायो से पार्टी का नाम हटाकर खुद को पीएम नरेंद्र मोदी का ‘आजीवन अनुयायी’ (Lifelong Follower) बता दिया है।
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सक्रिय राजनीति छोड़ने के संकेत: पूनावाला ने पहले दिए गए अपने एक इंटरव्यू का वीडियो दोबारा शेयर किया है, जिसमें उन्होंने 2024 के बाद सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने की बात कही थी।
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आधिकारिक पुष्टि बाकी: सूत्रों के हवाले से मिली खबरों के मुताबिक उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, हालांकि पार्टी या उनकी तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया और बयानों का सस्पेंस
Political News 1 Aug : भारतीय राजनीति के गलियारों में उस वक्त सनसनी फैल गई जब बीजेपी के सबसे मुखर प्रवक्ताओं में से एक शहजाद पूनावाला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में बड़ा बदलाव किया। X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी प्रोफाइल से ‘बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता’ का पद हटाने के बाद से ही उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर अभी भी उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय प्रवक्ता ही बताया जा रहा है।
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पुराना इंटरव्यू और ‘एग्जिट प्लान’
कयासों के बीच पूनावाला द्वारा शेयर किया गया पुराना वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में वे कहते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने साल 2024 में ही तय कर लिया था कि वे सक्रिय राजनीति से किनारा कर लेंगे। हालांकि, संगठन के आग्रह और कुछ महत्वपूर्ण चुनावों (जैसे पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र) के चलते उन्होंने अपना कार्यकाल जारी रखा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीति में योगदान देने के लिए केवल चुनावी पद पर होना ही जरूरी नहीं है।
कांग्रेस से बगावत से लेकर बीजेपी के मुख्य चेहरे तक का सफर
महज 38 वर्षीय शहजाद पूनावाला का राजनीतिक सफर काफी चर्चा में रहा है। साल 2017 में कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी चुनावों और गांधी परिवार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर वे अचानक सुर्खियों में आए थे। इसके बाद वे बीजेपी में शामिल हुए और अपनी तार्किक तथा आक्रामक शैली के दम पर टीवी डिबेट्स में पार्टी के सबसे मजबूत चेहरों में से एक बन गए।
फिलहाल राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या यह वाकई उनका राजनीतिक संन्यास है या परदे के पीछे किसी नए सियासी घटनाक्रम की शुरुआत?








