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कंगना रनौत के ‘जेन-जी’ वाले बयान पर बढ़ा विवाद, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रवक्ता सौरव दास का तीखा पलटवार

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा जेन-जी (Gen-Z) पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। कंगना द्वारा जेन-जी को कथित तौर पर ‘जेनरेशन गटर’ कहे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी कड़ा ऐतराज जताते हुए उन पर जमकर निशाना साधा है।

नेताओं को अपनी शब्दावली संभालनी चाहिए: सौरव दास

सौरव दास ने कंगना रनौत के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के लोग ही उन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं देते हैं।

“मुझे नहीं लगता कि कोई भी उनको सीरियसली लेता है या उनकी बात सुनता है। वह नेता बन गई हैं, इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। लेकिन शब्दावली सही नहीं है। नेताओं को अपनी शब्दावली संभाल लेनी चाहिए और अपने पद की गरिमा को बनाकर रखना चाहिए।”

उन्होंने आगे जेन-जी की तारीफ करते हुए कहा, “आपसे कई गुना ज्यादा जेनजी ने इस देश के लिए किया है और कर रहे हैं। इस देश के लोकतंत्र में फिर से भरोसा जगाने का काम जेनजी ने किया है, आपने नहीं किया है। यह आपको जरूर याद रखना चाहिए।”

सरकार से हमारी मांगें स्पष्ट, लिखित गारंटी का इंतजार

प्रदशर्नकारियों और सरकार के बीच चल रही बातचीत पर सौरव दास ने कहा कि वे लोग लंबे समय से जमीन पर संघर्ष कर रहे हैं और उनकी मांगें पूरी होनी बेहद जरूरी हैं।

  • मुख्य मांग: सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) तुरंत वापस ली जाएं।

  • भविष्य की गारंटी: सरकार भविष्य में ऐसा एक्शन नहीं लेगी, इस बात की लिखित गारंटी आज तक आ जानी चाहिए थी।

  • हिरासत से रिहाई: हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त रिहा किया जाए।

  • सुप्रीम कोर्ट के रुख पर आपत्ति: सौरव दास ने स्पष्ट किया कि यदि सुप्रीम कोर्ट यह कहती है कि जिनके ऊपर पहले से एफआईआर है, उन्हें न छोड़ा जाए, तो यह उन्हें मंजूर नहीं है। हमारी डिमांड बिल्कुल स्पष्ट है और समझौते के अनुसार ही काम होना चाहिए।

सरकार के नोटिफिकेशन का इंतजार

सरकार के साथ हुई बैठकों के बारे में जानकारी देते हुए सौरव दास ने बताया कि कल रात 10 बजे से 1 बजे तक सरकार के प्रतिनिधियों के साथ लंबी बैठक हुई है, जिसमें प्रदर्शनकारियों की रिहाई और नोटिफिकेशन को लेकर चर्चा की गई।

उन्होंने बताया कि असम और बिहार सरकार ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, और फिलहाल उस नोटिफिकेशन की भाषा (Language) पर बात चल रही है। उन्होंने दोटूक कहा कि आंदोलन में शामिल सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ से मुकदमे हटने चाहिए। सरकार को अब अपने वादों पर अमल करना चाहिए।

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