रायपुर 24 जुलाई Chhattisgarh Politics । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। घटना के बाद पुलिस द्वारा कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं और कई अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज किए जाने से कांग्रेस हमलावर हो गई है।
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गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं ने खम्हारडीह थाने का घेराव किया और इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया।
विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप, बैज ने रद्द किया दौरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
“पार्टी इस तरह की दमनकारी कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। हम चुप बैठने वाले नहीं हैं, हमने चूड़ियां नहीं पहनी हैं। कांग्रेस इसका राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर करारा जवाब देगी।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए दीपक बैज ने अपना बस्तर दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और रायपुर लौट आए। उन्होंने राजीव भवन (कांग्रेस मुख्यालय) में वरिष्ठ नेताओं के साथ आपातकालीन बैठक कर आगे की रणनीति तय की। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाने का ऐलान किया है।
‘सत्ता स्थायी नहीं होती, आचरण का ध्यान रखें अधिकारी’: भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि:
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उल्टी कार्रवाई: कांग्रेस मुख्यालय और कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ, कई कार्यकर्ता और पत्रकार घायल हुए, लेकिन एफआईआर उल्टा कांग्रेसियों पर ही दर्ज कर दी गई।
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अधिकारियों को चेतावनी: पुलिस अधिकारी ध्यान रखें कि सत्ता स्थायी नहीं होती। भाजपा सरकार ज्यादा दिनों की मेहमान नहीं है और जनता इसका करारा जवाब देगी।
क्या था पूरा मामला?
बुधवार को रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। स्थिति बिगड़ने और धक्का-मुक्की होने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया था। घटना के बाद खम्हारडीह थाने में कांग्रेस नेताओं पर मामला दर्ज किया गया, जिससे पूरे प्रदेश में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।








