पसान/कटघोरा 18 जुलाई।
विकासखंड पसान के अंतर्गत ग्राम पंचायत पनगवां में भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। बीती 17 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के बाद, सरमा से पनगवां को जोड़ने वाले मार्ग पर बकाई नाला स्थित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की अप्रोच पुलिया तेज बहाव में पूरी तरह बह गई। इस हादसे के बाद से पूरे गांव का बाहरी दुनिया से सड़क संपर्क टूट गया है और पूरा क्षेत्र पहुंच विहीन हो गया है।

गुणवत्ता पर गंभीर सवाल: डेढ़ साल में ही खुली पोल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पुलिया का निर्माण करीब डेढ़ वर्ष पहले ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था। पहली ही भारी बारिश में पुलिया का इस तरह ढह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि निर्माण एजेंसी और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई, जिसके कारण यह ढांचा पानी का मामूली दबाव भी नहीं झेल सका।
मरीजों, बच्चों और राशन पर मंडराया संकट
सड़क संपर्क पूरी तरह समाप्त होने से ग्रामीणों के सामने कई गंभीर चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं:
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आवागमन ठप: मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। इमरजेंसी में अस्पताल पहुँचना नामुमकिन हो चुका है।
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राशन का संकट: सड़क टूटने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत उचित मूल्य दुकान तक खाद्यान्न पहुँचाना कठिन हो गया है, जिससे गांव में भुखमरी के हालात बन सकते हैं।
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डूबान का खतरा: आने वाले दिनों में हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ने से यह क्षेत्र अक्टूबर-नवंबर तक डूबान की चपेट में रहता है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भयावह हो जाएगी।
ग्रामीणों ने की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
सड़क संपर्क टूटने से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और PMGSY के आला अधिकारियों से निम्नलिखित मांगें की हैं:
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वैकल्पिक मार्ग: ग्रामीणों के आवागमन के लिए तत्काल वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाए।
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उच्च स्तरीय जांच: पुलिया निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए और गुणवत्ता की अनदेखी करने वाली निर्माण एजेंसी व जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
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शीघ्र पुनर्निर्माण: क्षतिग्रस्त पुलिया का उच्च मानकों के साथ दोबारा निर्माण कराया जाए।
अब देखना यह है कि मानसून के इस पीक सीजन में प्रशासन प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने और दोषियों पर शिकंजा कसने के लिए कितनी मुस्तैदी दिखाता है।








