कोरबा, 14 जुलाई। जिले के बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत रिंग रोड स्थित डेंगूनाला पुल के पास आज मंगलवार को एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। एक तरफ गड्ढों से छलनी जर्जर सड़कें और दूसरी तरफ कोयला लदे अनियंत्रित भारी वाहनों की अंधाधुंध रफ्तार… इन दोनों के जानलेवा कॉम्बिनेशन ने आज फिर दो हंसते-खेलते परिवारों के चिरागों को हमेशा के लिए बुझा दिया।
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कोयले से लदे एक बेलगाम ट्रेलर की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दो युवतियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा युवक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।

टक्कर इतनी भीषण कि मौके पर ही थमी सांसें
मिली जानकारी के अनुसार, आज दोपहर कोयला लोड कर जा रहे ट्रेलर क्रमांक CG 12 BG 2932 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 CB 2635 को जोरदार टक्कर मार दी। यह भिड़ंत इतनी खौफनाक थी कि बाइक पर पीछे बैठीं दोनों युवतियां उछलकर सीधे भारी वाहन के पहियों के नीचे आ गईं। उनके शरीर के चीथड़े उड़ गए और घटनास्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, बाइक चला रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जो सड़क पर तड़पता रहा।
चीख-पुकार के बीच पहुंची पुलिस, अस्पताल में भर्ती घायल युवक
हादसे के बाद रिंग रोड पर राहगीरों की रूह कांप गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने खून से लथपथ घायल युवक को बिना वक्त गंवाए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका सघन उपचार जारी है। उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
इसके तुरंत बाद बालको थाना पुलिस भी दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों युवतियों के क्षत-विक्षत शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू की। समाचार लिखे जाने तक मृत युवतियों की शिनाख्त नहीं हो पाई थी, पुलिस उनके परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को पुलिस ने जब्त कर लिया है और आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बड़ा सवाल: क्या अब लोगों की जिंदगी का कोई मोल नहीं रह गया है?
इस हादसे ने एक बार फिर बालको क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था और औद्योगिक लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है। कोरबा, दर्री और रीसदी से बालको को जोड़ने वाली हर एक सड़क आज के समय में नरक बन चुकी है। इन सड़कों पर कदम-कदम पर मौत के गड्ढे हैं, जिन पर वेदांता बालको प्रबंधन के भारी-भरकम वाहन यमराज बनकर दौड़ते हैं।
जनता पूछ रही है ये तीखे सवाल:
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रीढ़विहीन जनप्रतिनिधि और प्रबंधन का गठजोड़: क्षेत्र के नेता और जनप्रतिनिधि समय-समय पर मंचों से वेदांता बालको प्रबंधन की सराहना के कसीदे पढ़ते नहीं थकते। आखिर इस झूठी तारीफों के पीछे का सच क्या है? क्या चंद फायदों के लिए आम जनता की जान को दांव पर लगा दिया गया है?
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लाचार प्रशासन और मूकदर्शक पुलिस: जब बड़े औद्योगिक घरानों के आगे जनप्रतिनिधि ही नतमस्तक हो जाएं, तो बेचारा स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी क्या करे? क्या भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम कसने और सड़कों की मरम्मत के लिए किसी बड़े आंदोलन का इंतजार किया जा रहा है?
हजारों लोग प्रतिदिन अपनी जान हथेली पर रखकर इन रास्तों से गुजरते हैं। हर दूसरे दिन होने वाले इन हादसों में निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। आज दो और युवतियों की मौत ने यह साफ कर दिया है कि अगर अब भी प्रशासन और प्रबंधन नहीं जागा, तो बालको की ये सड़कें इसी तरह इंसानी खून से लाल होती रहेंगी।








