नई दिल्ली 27 अप्रैल 2026: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह प्रसिद्ध वैज्ञानिक और विद्वान प्रो. गोबर्धन दास से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने प्रो. दास के जीवन सफर और उनके अकादमिक योगदान की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रो. दास का व्यक्तित्व न केवल बौद्धिक रूप से समृद्ध है, बल्कि उनका व्यक्तिगत जीवन उन सभी के लिए प्रेरणा है जो संघर्षों से तपकर समाज की सेवा करना चाहते हैं।
Advt

संघर्ष से सफलता तक का सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए लिखा कि प्रो. गोबर्धन दास का जीवन कई कठिनाइयों और संघर्षों से भरा रहा है। लेकिन इन चुनौतियों ने उन्हें कमजोर करने के बजाय समाज की सेवा करने के उनके संकल्प को और भी अडिग बना दिया। प्रधानमंत्री के अनुसार, उनका यह जज्बा विशेष रूप से जन स्वास्थ्य (Public Health) और प्रतिरक्षा विज्ञान (Immunology) के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
नीति-निर्माण में मिलेगी मदद
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रो. दास की विद्वत्ता को भारत के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा:
“उनका समृद्ध कार्य और विद्वत्ता हमारी नीति-निर्माण संरचना (Policy-making framework) को और अधिक सशक्त और समृद्ध करेगी।”
इसका अर्थ है कि स्वास्थ्य और विज्ञान के क्षेत्र में प्रो. दास के गहरे अनुभव का लाभ सरकार की आगामी योजनाओं और नीतियों में देखने को मिल सकता है, जिससे आम जनता के जीवन को बेहतर बनाया जा सके।
प्रमुख बिंदु:
-
क्षेत्र: प्रो. गोबर्धन दास जन स्वास्थ्य और इम्यूनोलॉजी के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं।
-
दृष्टिकोण: समाज को कष्टों से मुक्त करने की उनकी प्रतिबद्धता अतुलनीय है।
-
प्रभाव: उनका शोध कार्य भारत की स्वास्थ्य नीतियों को वैज्ञानिक आधार प्रदान करने में सहायक होगा।








