बलौदाबाजार 26 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित चिटफंड घोटाले में पलारी पुलिस को एक बड़ी अंतरराज्यीय कामयाबी मिली है। ठगी के जाल बुनकर हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाली कंपनी पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (PACL) के दो फरार डायरेक्टरों को पुलिस ने आखिरकार सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। पंजाब के रहने वाले ये आरोपी उत्तर प्रदेश की एक जेल में बंद थे, जिन्हें अब छत्तीसगढ़ पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है।
Advt

जालौन की उरई जेल से हुई कस्टडी
लंबे समय से फरार चल रहे इन आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के दौरान पलारी पुलिस को सूचना मिली कि कंपनी के दो अहम चेहरे— गुरनाम सिंह (59 वर्ष) निवासी रोपड़, पंजाब और गुरुजंत सिंह (80 वर्ष) निवासी मोहाली, पंजाब— उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की उरई जेल में किसी अन्य मामले में बंद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी की और प्रोडक्शन वारंट के माध्यम से दोनों को हिरासत में लेकर बलौदाबाजार पहुंची।
चिटफंड का मायाजाल: 128 निवेशकों से ₹38 लाख की चपत
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एजेंटों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में अपना जाल फैलाया था।
-
मुनाफे का लालच: निवेशकों को कम समय में पैसा दोगुना करने और भारी ब्याज का झांसा दिया गया।
-
ठगी का खुलासा: जब निवेश की मैच्योरिटी (अवधि) पूरी हुई और कंपनी ने भुगतान से हाथ खींच लिए, तब जाकर पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ।
-
दर्ज मामले: साल 2016 में पलारी थाने में प्रार्थी पंचराम साहू की शिकायत पर अपराध क्रमांक 471/2016 के तहत धारा 420, 34 और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था।
अब तक 11 गिरफ्तार, जांच जारी
इस मामले में पुलिस अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में दोनों नए पकड़े गए डायरेक्टरों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी; इस घोटाले में शामिल अन्य चेहरों और एजेंटों पर भी पुलिस की पैनी नजर है।
।।।








