दुर्ग | 3 अप्रैल 2026
दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती के मामले में निलंबित की गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) एकता साहू की बहाली के साथ ही विभाग में जारी गतिरोध समाप्त हो गया है। दुर्ग संभागायुक्त के हस्तक्षेप और सहानुभूतिपूर्वक विचार के बाद बहाली के आदेश जारी किए गए, जिसके परिणाम स्वरूप कृषि विभाग के कर्मचारियों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म कर दी है।
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प्रमुख घटनाक्रम: निलंबन से बहाली तक
7 मार्च को ग्राम समोदा में 5.20 एकड़ में अवैध अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद प्रशासनिक हड़कंप मच गया था। लापरवाही के आरोप में एकता साहू को निलंबित कर दिया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोला:
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अपील: एकता साहू ने संयुक्त संचालक कृषि और संभागायुक्त के समक्ष अपनी बहाली के लिए अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था।
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सुनवाई: 23 मार्च को उप संचालक कृषि और अपीलार्थी के पक्षों को सुनने के बाद, संभागायुक्त ने विभागीय जांच को कलेक्टर स्तर पर जारी रखने का निर्णय लेते हुए फिलहाल बहाली के निर्देश दिए।
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नई जिम्मेदारी: संयुक्त संचालक कृषि, दुर्ग संभाग ने बहाली आदेश जारी करते हुए उन्हें वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी धमधा के कार्यालय में पदस्थ किया है।
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संघ का आंदोलन और जीत
इस निलंबन को लेकर छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ ने कड़ा विरोध जताया था। संघ का तर्क था कि यह कार्रवाई अनुचित है।
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अनिश्चितकालीन हड़ताल: मांग पूरी न होने पर 23 मार्च से कर्मचारी काम बंद कर हिंदी भवन के सामने धरने पर बैठ गए थे।
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काम पर वापसी: बहाली की आधिकारिक घोषणा के बाद आज, 3 अप्रैल को सभी हड़ताली कर्मचारी वापस काम पर लौट आए हैं, जिससे विभागीय कामकाज सुचारू रूप से शुरू हो गया है।
अफीम कांड की वर्तमान स्थिति
जहाँ एक ओर विभागीय कार्रवाई पर फैसला हुआ है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की जांच भी अंतिम दौर में है:
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गिरफ्तारियां: पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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मुख्य आरोपी: मामले में भाजपा नेता विनायक तमराकर और विकास विश्नोई सहित अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज कर पुलिस कानूनी कार्यवाही कर रही है।
प्रशासनिक नोट: एकता साहू की बहाली संभागायुक्त के विशेष निर्देश पर हुई है, हालांकि मामले की विभागीय जांच अभी भी कलेक्टर स्तर पर प्रक्रियाधीन है।
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