“पहली बार जारी हुई देश की राष्ट्रीय एंटी-टेरर पॉलिसी ‘PRAHAAR’; जानें कैसे साइबर से लेकर सीमा तक आतंकियों का काल बनेगी यह नई रणनीति।”
नई दिल्ली | 24 फरवरी 2026 दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहे भारत ने अब रक्षात्मक मुद्रा को छोड़कर ‘आक्रामक सुरक्षा’ (Offensive Defense) की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी ‘प्रहार’ (PRAHAAR) नीति महज एक सरकारी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा की गारंटी और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ भारत का एक कड़ा घोषणापत्र है।
‘प्रहार’ के 7 मजबूत स्तंभ
सरकार ने इस नीति को सात प्रमुख आधारों पर खड़ा किया है, जो इसे दुनिया की सबसे आधुनिक सुरक्षा नीतियों में से एक बनाते हैं:
-
P (Prevention): खुफिया एजेंसियों के बीच रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग। खतरे को ‘सोर्स’ पर ही खत्म करना।
-
R (Response): कमांडो यूनिट्स के पहुंचने का समय न्यूनतम (Minimum Response Time) तय।
-
A (Aggregating Capacities): सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस अब एक साझा कमांड सेंटर के तहत काम करेंगे।
-
H (Human Rights): आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कानून के दायरे में होगी, ताकि निर्दोष को आंच न आए।
-
A (Attenuating Conditions): कट्टरपंथ फैलाने वाले इकोसिस्टम और टेरर फंडिंग की जड़ों पर प्रहार।
-
A (Aligning Efforts): मित्र देशों के साथ मिलकर भगोड़े आतंकियों के प्रत्यर्पण में तेजी।
-
R (Recovery & Resilience): हमले के बाद जनजीवन को तुरंत सामान्य करना और समाज को मजबूती देना।
एक्सपर्ट ओपिनियन: क्या कहते हैं सुरक्षा जगत के दिग्गज?
-
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह: “प्रहार ने हमें एक प्रो-एक्टिव फ्रेमवर्क दिया है। अब हम डिजिटल और ड्रोन खतरों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
-
मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी: “यह नीति कानूनी और सामरिक शक्तियों का मेल है। दुश्मनों को संदेश है कि ‘सॉफ्ट स्टेट’ वाला दौर अब इतिहास हो गया है।”
-
पूर्व डीजीपी (एटीएस): “आतंकवाद केवल बंदूक से नहीं, फंडिंग से चलता है। यह नीति उस आर्थिक ढांचे पर सीधी चोट करती है।”
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या ‘प्रहार’ एक नया कानून है? उत्तर: नहीं, यह एक ‘व्यापक राष्ट्रीय नीति’ है जो मौजूदा कानूनों और एजेंसियों को एक साझा रणनीति के तहत जोड़ती है।
Q2. आम नागरिक के जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? उत्तर: यह सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा तकनीक को उन्नत करेगी और डिजिटल धोखाधड़ी व सोशल मीडिया प्रोपेगेंडा पर लगाम लगाएगी।
Q3. ‘प्रहार’ नीति डिजिटल हमलों से कैसे निपटेगी? उत्तर: ‘साइबर प्रहार’ खंड के माध्यम से डार्क वेब, क्रिप्टो-वॉलेट्स और सोशल मीडिया प्रोपेगेंडा को AI की मदद से ट्रैक और ब्लॉक किया जाएगा।
‘प्रहार’ नीति यह संदेश देती है कि भारत अब केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि तकनीक और अर्थतंत्र के मोर्चे पर भी आतंकियों को धूल चटाने के लिए तैयार है। यह नया सुरक्षा कवच भारत के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।








