रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक कड़ा फैसला लेते हुए उच्च शिक्षा विभाग की निजी स्थापना में कार्यरत निज सहायक (PA) दुर्गेश धारे की संविदा सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। शासन द्वारा जारी इस आदेश के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

नियमों के तहत हुई कार्रवाई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, श्री दुर्गेश धारे (पिता स्व. तुकाराम धारे) की नियुक्ति संविदा सेवा नियम, 2012 के तहत की गई थी। शासन ने संविदा सेवा नियम, 2012 की कंडिका 4(5) एवं 5(चार) में निहित प्रावधानों का उपयोग करते हुए यह निष्कासन किया है।

तत्काल प्रभाव से आदेश लागू सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्री धारे की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त मानी जाएंगी। हालांकि, आदेश में सेवा समाप्ति के विशिष्ट कारणों का उल्लेख नहीं है, लेकिन नियमों के इन खंडों के तहत शासन को बिना किसी लंबी पूर्व सूचना के संविदा समाप्त करने का अधिकार होता है।

गौरतलब है कि दुर्गेश धारे उच्च शिक्षा विभाग की निजी स्थापना में एक महत्वपूर्ण पद पर पदस्थ थे। शासन के इस सख्त रुख को अनुशासन और प्रशासनिक कसावट से जोड़कर देखा जा रहा है।