Latest News
गणेशोत्सव जुलूस के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर विवाद, चाकूबाजी में 16 वर्षीय किशोर की मौत भारत की थाली का सच: क्या भारत केवल शाकाहारी देश है? BRICS डिनर, राहुल गांधी का दावा और भारतीय खान-पान का इतिहास कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च कोरबा में आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: अर्धचंद्र के ऊपर चमका बेहद खूबसूरत तारा, जानें क्या है इसका खगोलीय सच बालको मेडिकल सेंटर के चौथे वार्षिक बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ गणेशोत्सव से पहले कोरबा पुलिस का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 105 अपराधियों पर कार्रवाई, 60 वारंटी भेजे गए जेल
Home » कोरबा » कोरबा: SECL-दीपका के ‘ड्रोन सर्वे’ पर भड़का गुस्सा, हरदीबाजार के ग्रामीणों ने थाना घेरा; तत्काल रोक की मांग

कोरबा: SECL-दीपका के ‘ड्रोन सर्वे’ पर भड़का गुस्सा, हरदीबाजार के ग्रामीणों ने थाना घेरा; तत्काल रोक की मांग

Share:

 

Korba: Anger erupts over SECL-Deepika’s ‘drone survey’, village from Hardibazar surround police station; demand immediate halt.
कोरबा छत्तीसगढ़ 2 दिसंबर: कोरबा-पश्चिम के ग्राम पंचायत हरदीबाजार के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रतिनिधियों ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल)-दीपका प्रबंधन द्वारा किए जा रहे ड्रोन सर्वे के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

ग्रामीणों ने हरदीबाजार थाना परिसर का घंटों घेराव किया और “ड्रोन सर्वे बंद करो” के नारे लगाते हुए इस कार्यवाही को तत्काल रोकने की मांग की।

मुख्य आरोप और आपत्तियाँ:

ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि यह सर्वे बिना ग्राम सभा की अनुमति और बिना ग्रामवासियों की सहमति के गुपचुप तरीके से किया जा रहा है, जो कि अवैध और असंवैधानिक है।

ग्राम सभा की अवहेलना:

एसईसीएल ने ग्राम सभा या ग्रामवासियों की सहमति लिए बिना ही सर्वे शुरू कर दिया है।

अधिकारों का हनन:

यह कार्यवाही भूमि-अधिग्रहण, मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के निराकरण से पहले की जा रही है, जिससे ग्रामवासियों के गरिमा से जीने के अधिकार का हनन हो रहा है।

कानूनी आधार पर प्रश्न:

ग्रामीणों ने एसईसीएल से स्पष्टीकरण मांगा है कि यह सर्वे किस आधार और कानून के तहत कराया जा रहा है।

प्रशासन की आड़ में खदान विस्तार:

ग्रामीणों ने सीधा प्रश्न किया कि एसईसीएल को थाना परिसर जैसे संवेदनशील स्थान से सर्वे कराने की क्या आवश्यकता पड़ी? यह स्पष्ट रूप से प्रशासन की आड़ में खदान विस्तार करने की एक कोशिश है।

ग्रामीणों की प्रमुख माँगें:

ग्रामीणों ने इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) पाली को लिखित शिकायत भी सौंपी है, जिसमें उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख माँगे उठाई हैं:

▪️ग्राम सभा की अनुमति के बगैर किए जा रहे ड्रोन सर्वे पर तत्काल रोक लगाई जाए।

▪️एसईसीएल से यह स्पष्ट कराया जाए कि सर्वे किस आधार पर कराया जा रहा है।

▪️ऐसे सर्वे के पूरे मामले की जाँच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए।

▪️भविष्य में किसी भी प्रकार के सर्वे के लिए ग्राम सभा की अनुमति और ग्रामवासियों की सहमति को अनिवार्य किया जाए।

▪️ग्रामीणों की निजी भूमि एवं मकान सहित परिसंपत्तियों से छेड़छाड़ करने वाले एसईसीएल को रोका जाए।

 कड़ी चेतावनी:
विरोध प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास, और नई केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की दरों को लागू करने जैसी समस्याओं का प्रशासनिक स्तर पर निराकरण नहीं होता, तब तक ग्राम में किसी भी प्रकार का सर्वे या नापी कार्य नहीं होने दिया जाएगा।

ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को एसडीएम के नाम से शिकायत सौंपते हुए इस मनमानी और धमकाने वाली स्थिति उत्पन्न करने के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है, और एसडीएम से इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल उचित न्यायिक कार्यवाही सुनिश्चित करने का निवेदन किया है।

 

Leave a Comment

latest news