Latest News
नाथद्वारा: श्रीनाथजी मंदिर में “श्री लाल गोविंद मंडान” का शुभारंभ, मर्जादी वैष्णवों के लिए निःशुल्क महाप्रसाद की व्यवस्था शुरू आत्मसम्मान से समझौता नहीं! सिंगर दलेर मेहंदी विवाद पर बोले मंत्री सुबोध उनियाल- ‘इस्तीफा दे दूंगा, पर माफी नहीं मांगूंगा’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराया भीषण चक्रवात ‘मुरासु’, 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हवाएं; ओडिशा-पुडुचेरी में अलर्ट धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण टिप्पणी पर गर्माई राजनीति: दिग्विजय बोले ‘मूर्ख’, बघेल का कटाक्ष- ‘रेबीज की जांच हो’ रायपुर: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने पार किया 45 हजार बाल शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जताई खुशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का रायपुर दौरा आज: ‘विकसित भारत संकल्प पार्क’ का करेंगे उद्घाटन,दौरे का पूरा मिनट-टू-मिनट शेड्यूल
Home » देश » Election commission ने कहा “पुरानी बोतल में नई शराब”, राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोपों पर किया पलटवार

Election commission ने कहा “पुरानी बोतल में नई शराब”, राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोपों पर किया पलटवार

Share:

 

Election commission: चुनाव आयोग ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोप पर पलटवार किया है। आयोग ने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक घिसी-पिटी बात दोहराई है, जो पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष कमलनाथ ने कही थी। अब राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट में खामियों का दावा करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।आयोग ने कहा कि यह दावा निराधार है और कोर्ट में यह चाल नहीं चल सकती है। आयोग ने आगे कहा कि राहुल गांधी को कानून का सम्मान करना चाहिए और घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो चुनाव आयोग के खिलाफ बेतुके आरोप लगाने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

चुनाव आयोग ने कहा राहुल ने एक घिसी पिटी बात दोहराई 
आयोग ने कहा, राहुल गांधी ने अपनी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक घिसी-पिटी बात दोहराई…मतलब ‘पुरानी बोतल में नई शराब’. साल 2018 में मध्य प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष कमलनाथ ने यही राग अलापा था. अब लोकसभा में विपक्ष के नेता वही राग अलाप रहे हैं.

चुनाव आयोग ने कहा, साल 2018 में उन्होंने एक निजी वेबसाइट से दस्तावेज पेश करके सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की थी. ताकि यह दिखाया जा सके कि मतदाता सूची में गलतियां हैं, क्योंकि 36 मतदाताओं के चेहरे रिपीट थे. जबकि सच्चाई ये है कि करीब 4 महीने पहले ही गलती को ठीक कर लिया गया था. उसकी एक कॉपी पार्टी को दे दी गई थी.

लोगों को गुमराह करने की कोशिश

इलेक्शन कमीशन ने आगे कहा, इस मामले में कोर्ट ने कमलनाथ की अर्जी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. अब 2025 में वो यह जानते हुए कि कोर्ट में यही चाल नहीं चल सकती, इसलिए वोटर लिस्ट में खामियों का दावा करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश की. राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि एक ही नाम अलग-अलग जगहों पर हैं. सच ये है कि आदित्य श्रीवास्तव का नाम, जो कथित तौर पर तीन अलग-अलग राज्यों में था, महीनों पहले सुधारा गया था.

मुद्दे को सनसनीखेज बनाने की कोशिश
चुनाव आयोग ने कहा, एक ही मुद्दे को बार-बार उठाना ये दिखाता है कि राहुल गांधी गांधी को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का कोई सम्मान नहीं है. कानून, नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज करने और अपील करने, दोनों के लिए एक विशिष्ट प्रक्रिया प्रदान करता है. कानूनी प्रक्रियाओं का लाभ उठाने के बजाय उन्होंने मीडिया में निराधार दावे करके इस मुद्दे को सनसनीखेज बनाने की कोशिश की.

बेतुके आरोप के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए
आयोग ने कहा, प्रस्ताव है कि अगर कानून किसी खास चीज को एक खास तरीके से करने की मांग करता है तो उसे उसी तरीके से किया जाना चाहिए. किसी और तरीके से नहीं. इसलिए अगर राहुल गांधी अपने विश्लेषण पर यकीन करते हैं और मानते हैं कि चुनाव आयोग के खिलाफ उनके आरोप सही हैं तो उन्हें कानून का सम्मान करना चाहिए और घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करना चाहिए. अगर ऐसा नहीं करते हैं तो चुनाव आयोग के खिलाफ बेतुके आरोप लगाने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए.