नई दिल्ली 12 सितंबर Zomato Extra Fee: बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में अपने राजस्व (Revenue) को मजबूत करने के लिए ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) ने एक नया कदम उठाया है। कंपनी ने अब ‘कैश ऑन डिलीवरी (COD)’ का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों से ₹5 से लेकर ₹20 तक का अतिरिक्त शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है।

कंपनी के ऐप पर बिल विवरण (Bill Details) में यह चार्ज ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ के नाम से जोड़ा जा रहा है। यह शुल्क केवल उन ग्राहकों पर लागू होगा जो ऑर्डर के दौरान ऑनलाइन पेमेंट करने के बजाय डिलीवरी के समय नकद भुगतान (Cash) चुनते हैं। ऑनलाइन भुगतान करने वाले ग्राहकों को इस शुल्क से छूट दी गई है।
विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, अधिकांश ऑर्डरों पर यह चार्ज ₹5 लिया जा रहा है, जबकि कुछ ऑर्डरों में ₹7 और अधिकतम ₹20 तक वसूले जाने के मामले सामने आए हैं। यह नया शुल्क पहले से लागू प्लेटफॉर्म फीस, रेस्तरां पैकेजिंग चार्ज और जीएसटी (GST) के अतिरिक्त है।
क्यों उठाया कंपनी ने यह कदम?
प्रतिदिन लगभग 23 लाख से 25 लाख फूड ऑर्डर प्रोसेस करने वाली जोमैटो अपनी आय के नए रास्ते तलाश रही है। बाजार में रैपिडो के फूड डिलीवरी ब्रांड ‘ऑन्ली’ (Only) की तेज एंट्री और फ्लिपकार्ट के ‘ईट इन’ (Eat In) प्लेटफॉर्म के परीक्षण से प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स ने 2023 में ₹2 प्रति ऑर्डर से ‘प्लेटफॉर्म फीस’ की शुरुआत की थी, जिसे जोमैटो ने हाल ही में बढ़ाकर ₹14.99 प्रति ऑर्डर (जीएसटी अलग) कर दिया है। भारी ऑर्डर वॉल्यूम के कारण शुल्क में मामूली बढ़ोतरी से भी कंपनी को सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होता है।
राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ जोमैटो हाल के दिनों में अपनी लागत में कटौती (Cost Cutting) और पुनर्गठन पर भी काम कर रही है। कंपनी ने हाल ही में लगभग 250 कर्मचारियों की छंटनी की थी और अपने कस्टमर डिलाइट ऑपरेशंस का एकीकरण किया है।







