बिलासपुर, 08 अगस्त 2026 — छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बिलासपुर संभाग कार्यकारी अध्यक्ष एवं संविधान संशोधन समिति के सदस्य श्री कमल सोनी ने चेम्बर की कार्यप्रणाली और संविधान में मौजूद असंतुलित व्यवस्थाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उन्होंने पद जरूर छोड़ा है, लेकिन पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

एजेंडे से विषय हटाने पर गहरी नाराजगी
श्री कमल सोनी ने बताया कि चेम्बर में लगातार संविधान संशोधन, संतुलित नेतृत्व और प्रदेश के सभी संभागों को समान प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई जा रही थी। आगामी 09 अगस्त 2026 की कार्यकारिणी बैठक के एजेंडे में संविधान संशोधन और बिलासपुर के व्यापारियों से जुड़े अहम मुद्दों को शामिल किया गया था, लेकिन बाद में इन्हें अचानक हटा दिया गया, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
कमल सोनी के त्यागपत्र के मुख्य बिंदु:
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धारा 15 पर सवाल: चेम्बर के संविधान की धारा 15 के तहत अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष पद की पात्रता केवल रायपुर व नया रायपुर क्षेत्र तक सीमित है। श्री सोनी ने मांग की है कि प्रदेश के सभी संभागों को सर्वोच्च नेतृत्व में समान अवसर मिलने चाहिए।
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बिलासपुर को SCR में शामिल करने की मांग: बिलासपुर को ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ (SCR) के दायरे में लाने की मांग को संगठन द्वारा अपेक्षित गंभीरता से आगे न बढ़ाए जाने पर उन्होंने असंतोष जताया।
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इंडस्ट्रियल पार्क की अनदेखी: बिजली, कोयला, रेलवे, लाइमस्टोन और हाईकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों से युक्त बिलासपुर में इंडस्ट्रियल पार्क की आवश्यकता को शासन के समक्ष प्रभावी ढंग से न रख पाने की बात कही।
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औद्योगिक पलायन पर चिंता: पिछले करीब 10 वर्षों में बिलासपुर व अन्य संभागों से उद्योगों का रायपुर की तरफ पलायन तेज होने पर चिंता जताई और इसे क्षेत्रीय असंतुलन का परिणाम बताया।
“संघर्ष रहेगा जारी”
श्री सोनी ने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्ति या क्षेत्र विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि संगठन में व्यवस्थागत सुधार और पूरे प्रदेश के व्यापारियों को समान हक दिलाने के लिए एक सैद्धांतिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि जब तक चेम्बर पूरे प्रदेश के व्यापारियों की सच्ची और समान आवाज नहीं बनता, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।








