कोरबा Tribute To Rafi : हिन्दी सिनेमा के महान और कालजयी पार्श्व गायक मोहम्मद रफ़ी की पुण्यतिथि के अवसर पर कोरबा शहर में एक भव्य और भावुक संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सावन की रिमझिम फुहारों के बीच आयोजित इस शाम ने शहर के संगीत प्रेमियों को एक यादगार अनुभव कराया।
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चार दशकों से अधिक का मोहम्मद रफी के प्रति रमेश शर्मा का समर्पण
इस प्रतिष्ठित आयोजन की शुरुआत कोरबा के सबसे वरिष्ठ गायक कलाकार रमेश कुमार शर्मा द्वारा की गई। उल्लेखनीय है कि श्री शर्मा वर्ष 1980 से लेकर 2026 तक विगत 46 वर्षों से लगातार हर साल रफ़ी साहब की स्मृति में इस कार्यक्रम का आयोजन करते आ रहे हैं। संगीत के प्रति उनका यह निष्ठावान समर्पण पूरे अंचल में एक मिसाल बन चुका है।
दीप प्रज्वलित कर हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि पत्रकार मधु डिडवानिया एव गुजराती समाज के वरिष्ठ वल्लभ भाई मकवाना द्वारा माँ सरस्वती और मोहम्मद रफ़ी साहब के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण करके किया गया। इस अवसर पर डिडवानिया ने अपने संबोधन में कहा: “रफ़ी साहब की आवाज़ अमर है। वे केवल एक गायक नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के इतिहास का एक पूरा युग थे। श्री शर्मा द्वारा पिछले साढ़े चार दशकों से लगातार उनकी याद में यह आयोजन करना संगीत के प्रति उनके अतुलनीय प्रेम को दर्शाता है।”
सावन की फुहारों के बीच सजे सदाबहार नगमे
सावन की ठंडी हवा और बारिश ने इस संगीतमय शाम के माहौल को और भी सुहाना बना दिया। शहर के विभिन्न हिस्सों से पहुँचे संगीत प्रेमियों ने बारिश के बीच बैठकर रफ़ी साहब के चुनिंदा और क्लासिक गीतों का आनंद लिया।
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मुख्य आकर्षण: कुमार श्री द्वारा प्रस्तुत रफ़ी साहब के एक से बढ़कर एक बेहतरीन सदाबहार गीत।
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श्रोताओं की उपस्थिति: संगीत प्रेमियों ने तालियाँ बजाकर और साथ में गुनगुनाकर हर प्रस्तुति का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का यह आयोजन महज़ गीतों की प्रस्तुति न होकर संगीत, समर्पण और रफ़ी साहब के प्रति कोरबा शहर के अगाध प्रेम का एक सुंदर संगम साबित हुआ। अंत में आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों और संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया गया।








