कोरबा, 31 जुलाई: जिले के कोरबा और कटघोरा वनमंडल क्षेत्रों में हाथियों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। खेतों में धान की फसल लहलहाने के साथ ही हाथियों का दल जंगल से निकलकर मैदानी इलाकों का रुख करने लगा है, जिससे किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। ताजा मामला कटघोरा वनमंडल और करतला रेंज का है, जहां हाथियों ने बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
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पचरा क्षेत्र में 10 हाथियों के दल ने मचाया तांडव
बीती रात कटघोरा वनमंडल के एतमानगर रेंज अंतर्गत पचरा क्षेत्र में 10 हाथियों का एक दल विचरण करते हुए सीधे किसानों के खेतों में जा पहुंचा। इस दौरान हाथियों के दल ने वहां लगे धान के रोपों को न सिर्फ बुरी तरह रौंदा, बल्कि फसल को चट कर पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
इस उत्पात से ओमप्रकाश नामक ग्रामीण को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। पीड़ित ग्रामीण के अनुसार, हाथियों के दल ने उनके लगभग तीन एकड़ में लगी धान की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का मैदानी अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और हाथियों द्वारा पहुंचाई गई क्षति का आकलन करने में जुट गया है।
करतला रेंज में दंतैल हाथी का कहर
दूसरी ओर, कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में भी हाथियों का आतंक जारी है। यहां मौजूद एक दंतैल हाथी ने चोरभट्ठी क्षेत्र में प्रवेश कर धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। लगातार हो रहे इस नुकसान से किसानों में वन विभाग के प्रति चिंता और रोष दोनों देखा जा रहा है, क्योंकि धान की रोपाई के इस शुरुआती दौर में ही फसल के नष्ट होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं।








