कोरबा, 16 जुलाई:
एक मासूम की किलकारियां पल भर में चीखों में बदल गईं और एक हंसता-खेलता परिवार हमेशा के लिए उजाड़ हो गया। कोरबा शहर के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत दादर इलाके से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ आवारा कुत्तों के एक हिंसक झुंड ने 5 वर्ष के मासूम बच्चे पर हमला कर उसे बेरहमी से नोच डाला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में मातम, दहशत और गहरा आक्रोश है।
Advt

मासूम ‘प्रकाश’ की बुझ गई जिंदगी की लौ
📍नाम: प्रकाश पटेल (उम्र 5 वर्ष)📍पिता का नाम: किशोर पटेल (पेशा: मजदूर)📍शिक्षा: पहली कक्षा का छात्र📍मूल निवासी: जांजगीर-चांपा (वर्तमान निवासी: दादर, कोरबा)
जब काल बनकर टूट पड़ा कुत्तों का झुंड
गुरुवार की शाम करीब 4 बजे, हमेशा की तरह खुशमिजाज रहने वाला प्रकाश अपने पिता से मिलने गया था, जो पास ही में एक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहे थे। पिता से मिलने के बाद वह अकेले ही घर के लिए निकला था।
रास्ते में घात लगाए बैठे 5 से 6 खूंखार आवारा कुत्तों ने अचानक इस मासूम को घेर लिया। इससे पहले कि बच्चा संभल पाता या मदद के लिए चिल्ला पाता, कुत्तों ने उसे जमीन पर पटक दिया और बेरहमी से नोचते हुए घसीटने लगे।
“पापा बचा लो…” पिता की बेबसी और वो आखिरी चीख
मजदूरी कर रहे पिता के कानों में जब अपने जिगर के टुकड़े की चीख पड़ी, तो वे बदहवास होकर उस दिशा में दौड़े। पिता ने हिम्मत दिखाकर पत्थरों और डंडे से कुत्तों को खदेड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
डॉक्टरों के अनुसार: मासूम के सिर, गर्दन और पूरे नाजुक शरीर पर गहरे और जानलेवा जख्म थे। लहूलुहान हालत में जब पिता उसे जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता की गोद में ही मासूम की सांसें थम चुकी थीं।
व्यवस्था से सुलगते सवाल: लोगों में भारी आक्रोश
इस खौफनाक हादसे के बाद दादर और आसपास के इलाकों के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है:
-
क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है।
-
इससे पहले भी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बनाया जा चुका है।
-
बार-बार शिकायत के बाद भी नगर निगम और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
ग्रामीणों की मांग: जिला प्रशासन और नगर निगम तत्काल विशेष अभियान चलाकर इन आवारा कुत्तों को पकड़े, ताकि किसी और मां की गोद सूनी न हो और किसी और पिता को अपने मासूम के शव को कंधे पर न उठाना पड़े।
पुलिस ने फिलहाल अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।








