रायपुर, 14 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने राज्य में एक साथ 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन को हरी झंडी दे दी है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
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इस ऐतिहासिक फैसले के तहत जांजगीर-चांपा, गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़ और कबीरधाम (कवर्धा) में 50-50 सीटों के साथ नए मेडिकल कॉलेज शुरू हो रहे हैं, जिससे प्रदेश में एक साथ 250 नई एमबीबीएस (MBBS) सीटों का इजाफा होगा।
🩺 ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य ढांचे और युवाओं के भविष्य के लिए एक ‘ऐतिहासिक पड़ाव’ बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा:
“स्वास्थ्य और शिक्षा ही किसी भी उन्नत समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं। हमारी सरकार का लक्ष्य एक ऐसा समावेशी और आधुनिक स्वास्थ्य तंत्र खड़ा करना है, जहाँ छत्तीसगढ़ के किसी भी गरीब या ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवा को डॉक्टर बनने के अपने सपने को छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े।”
🤝 ‘डबल इंजन’ सरकार का दिखा असर
मुख्यमंत्री साय ने इस बड़ी सौगात के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा का पूरे प्रदेशवासियों की ओर से आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से राज्य के सुदूर, आदिवासी और आकांक्षी जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना संभव हो पाई है। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को पढ़ाई के मौके मिलेंगे, बल्कि इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी। अब ग्रामीणों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
📊 एक नज़र में पूरी खबर
| ज़िला (स्थान) | आवंटित MBBS सीटें | क्षेत्र की विशेषता |
|---|---|---|
| जांजगीर-चांपा | 50 | जिला मुख्यालय व मैदानी क्षेत्र |
| गीदम (दंतेवाड़ा) | 50 | बस्तर का सुदूर आदिवासी क्षेत्र |
| कुनकुरी (जशपुर) | 50 | उत्तर छत्तीसगढ़ का पहाड़ी इलाका |
| मनेन्द्रगढ़ | 50 | नया गठित सीमावर्ती जिला |
| कबीरधाम (कवर्धा) | 50 | वनांचल एवं आकांक्षी जिला |
| कुल नई सीटें | 250 | सत्र 2026-27 से प्रभावी |
🏗️ प्रशासन मुस्तैद: कलेक्टर ने दिए समयबद्ध तैयारी के निर्देश
स्वीकृति मिलने के तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जांजगीर-चांपा के कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने संबंधित सभी विभागों और अधिकारियों की आपात बैठक लेकर निर्देश दिए हैं कि मेडिकल कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए जो भी बुनियादी जरूरतें, स्टाफिंग और अधोसंरचना (Infrastructure) के काम बचे हैं, उन्हें समय सीमा के भीतर आपसी समन्वय से पूरा कर लिया जाए।








