कोरबा 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ की कोरबा पुलिस ने साइबर अपराधियों और डिजिटल अपराधों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में चलाई जा रही मुहिम “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” के तहत साइबर पुलिस थाना कोरबा ने कुल 4 प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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इस कार्रवाई के तहत चाइल्ड पोर्नोग्राफी (CSAM) फैलाने वालों के खिलाफ 3 और देशव्यापी साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले ‘म्यूल बैंक खाते’ के धारक के खिलाफ 1 मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
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चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर कड़ा एक्शन: साइबर टिपलाइन से मिली शिकायतों के आधार पर 03 अलग-अलग FIR दर्ज की गईं।
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म्यूल बैंक खाते पर शिकंजा: साइबर ठगी का पैसा ठिकाने लगाने वाले एक खाताधारक के खिलाफ 01 FIR दर्ज।
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अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा: आरोपी का बैंक खाता छत्तीसगढ़ समेत देश के 9 राज्यों में हुई साइबर ठगी के मामलों से जुड़ा पाया गया।
चाइल्ड पोर्नोग्राफी (CSAM) मामले में त्वरित कार्रवाई
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित साइबर टिपलाइन से कोरबा पुलिस को बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और चाइल्ड पोर्नोग्राफी सोशल मीडिया पर साझा करने से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पतले एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर नोडल) नीतीश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया:
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पुलिस ने तत्काल 3 पृथक एफआईआर दर्ज कर मामलों को जांच में लिया है।
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इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों का संकलन, आईपी एड्रेस और तकनीकी विश्लेषण की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है।
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पुलिस का कहना है कि बाल शोषण से जुड़े मामलों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
9 राज्यों में फैले साइबर ठगी के ‘म्यूल अकाउंट’ का पर्दाफाश
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से मिली शिकायतों के विश्लेषण के दौरान कोरबा साइबर सेल को एक बड़े वित्तीय फ्रॉड नेटवर्क का सुराग मिला।
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क्या है मामला? जांच में लेयर-1 (प्राथमिक स्तर) में चिन्हित एक संदिग्ध बैंक खाते में साइबर ठगी की बड़ी रकम ट्रांसफर होने का पता चला।
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देशव्यापी नेटवर्क: जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस अकेले बैंक खाते के खिलाफ छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें पहले से दर्ज हैं।
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कार्रवाई: पुलिस ने प्रथम दृष्टया इस खाते को ‘म्यूल अकाउंट’ (अपराध की कमाई को छुपाने या घुमाने के लिए इस्तेमाल होने वाला खाता) मानते हुए खाताधारक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब बैंक खाते के वित्तीय लेन-देन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड्स की तलाश की जा रही है।
कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील
“थोड़े से पैसों के लालच या किराए के चक्कर में अपना बैंक खाता किसी भी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति को न दें। ऐसा करना आपको सीधे तौर पर साइबर अपराध का भागीदार बना सकता है और आप जेल जा सकते हैं।”
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तुरंत दर्ज कराएं शिकायत: यदि आपके साथ किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी या वित्तीय फ्रॉड होता है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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सजग रहें, सुरक्षित रहें: संदिग्ध लोगों द्वारा बैंक खाता खुलवाने या किराए पर मांगने की जानकारी तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर पुलिस थाना कोरबा को दें।
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