Latest News
भारत की थाली का सच: क्या भारत केवल शाकाहारी देश है? BRICS डिनर, राहुल गांधी का दावा और भारतीय खान-पान का इतिहास कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च कोरबा में आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: अर्धचंद्र के ऊपर चमका बेहद खूबसूरत तारा, जानें क्या है इसका खगोलीय सच बालको मेडिकल सेंटर के चौथे वार्षिक बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ गणेशोत्सव से पहले कोरबा पुलिस का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 105 अपराधियों पर कार्रवाई, 60 वारंटी भेजे गए जेल अंबिकापुर में छात्र नेता की प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार; कांग्रेस ने पार्टी से किया निलंबित
Home » राजनीति » ‘CDR जांच हुई तो 99.9% के तार BJP से मिलेंगे…’ अयोध्या मंदिर ‘चढ़ावा चोरी’ पर अखिलेश यादव का सबसे बड़ा सियासी धमाका!

‘CDR जांच हुई तो 99.9% के तार BJP से मिलेंगे…’ अयोध्या मंदिर ‘चढ़ावा चोरी’ पर अखिलेश यादव का सबसे बड़ा सियासी धमाका!

Share:

लखनऊ 10 जुलाई: उत्तर प्रदेश की सियासत में इस समय अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के मामले ने एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर सीधे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। आरोपी टिन्नू यादव से संबंधों के आरोपों को खारिज करते हुए अखिलेश यादव ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

Advt

📞 “CDR जांच कराइए, भाजपा में मच जाएगी भगदड़”

अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले की जड़ तक पहुँचने के लिए एक बड़ी मांग रख दी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर में तैनात हर एक व्यक्ति के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए।

सपा प्रमुख ने दावा किया:

“अगर पूरी ईमानदारी से CDR जांच की जाए, तो मंदिर परिसर में काम करने वाले 99.9 प्रतिशत लोगों के तार सीधे भाजपा से जुड़े हुए मिलेंगे। जिस दिन यह रिपोर्ट सार्वजनिक होगी, भाजपा के भीतर ऐसी भगदड़ मचेगी जिसे कोई रोक नहीं पाएगा।”

इसके साथ ही उन्होंने एक और बड़ा ‘ट्रेलर’ छोड़ते हुए कहा कि भाजपा के कई बड़े नेता इस समय उनके संपर्क में हैं और वे पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं।

“आस्था से बड़ा पैसा, जो भाजपा का साथी… वही रामघाती”

भाजपा की कार्यशैली को आड़े हाथों लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ताधारी दल के लिए धर्म और आस्था केवल एक मुखौटा है, उनके लिए सबसे ऊपर सिर्फ पैसा और चुनावी फायदा है।

  • सनातन धर्म का सबसे बड़ा पाप: अखिलेश ने कहा कि देश-विदेश के करोड़ों भक्तों ने जिस श्रद्धा से दान चढ़ाया, उसकी चोरी होना सनातन धर्म में सबसे बड़ा पाप है। इससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

  • नया नारा: उन्होंने कड़े लहजे में भाजपा को घेरते हुए नारा दिया— “जो भाजपा का साथी है, वही असल में रामघाती है।”

‘राम मंदिर ट्रस्ट को तुरंत भंग करो, हो न्यायिक जांच’

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के आरोपों पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने यूपी पुलिस और प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब सपा कार्यकर्ताओं ने शिकायत दी, तो एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं हुई? क्या यूपी में कानून सिर्फ विपक्ष के लिए है?

इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि:

  1. राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए।

  2. चंपत राय और अनिल मिश्रा के कार्यकाल में हुए सभी जमीन सौदों और वित्तीय लेन-देन की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो।

SIT जांच पर उठाए गंभीर सवाल

अखिलेश यादव ने इस मामले में चल रही एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जिसका नाम शुरुआती रिपोर्ट में था ही नहीं, वह अंतिम रिपोर्ट में अचानक कैसे आ गया?” उन्होंने साफ किया कि केवल छोटे कर्मचारियों या निचले स्तर पर कार्रवाई करके असली गुनहगारों को नहीं बचाया जा सकता, बल्कि पूरे ढांचे को बदलने की जरूरत है।

#

Leave a Comment

latest news