रायपुर 8 जुलाई । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज (8 जुलाई 2026) मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की एक अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आम नागरिकों को राहत देने के लिए कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई है।
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कैबिनेट बैठक में लिए गए सभी महत्वपूर्ण निर्णयों का विस्तृत विवरण नीचे दिया जा रहा है:
1. बिजली भुगतान के लिए ‘डायरेक्ट डेबिट मैंडेट’ (DDM) व्यवस्था को मंजूरी
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) जैसे एनटीपीसी (NTPC) आदि से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया गया है।
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नया बदलाव: वर्तमान में लागू त्रिपक्षीय अनुबंध (Tripartite Agreement) के स्थान पर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू की जाएगी।
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लाभ: इससे सीपीएसयू से राज्य को मिलने वाली बिजली आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित होगी।
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वित्तीय भार नहीं: इस निर्णय से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं आएगा। भुगतान व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी और जरूरत पड़ने पर लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) की व्यवस्था भी प्रभावी रहेगी।
2. बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में संशोधन
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाले छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) के नियमों में बदलाव किया गया है।
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मंत्रिपरिषद ने ‘फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026’ में महत्वपूर्ण संशोधनों को अपनी स्वीकृति दे दी है, जिससे भर्ती प्रक्रिया और अधिक व्यावहारिक हो सकेगी।
3. निजी विश्वविद्यालय स्थापना नियमों में सुधार: छात्रों का भविष्य होगा सुरक्षित
राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है।
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रक्षित निधि का प्रावधान: भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के विनियमन प्रकोष्ठ की अनुशंसा पर अब ‘विन्यास निधि’ के स्थान पर रक्षित निधि का प्रावधान लागू होगा।
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मानकों का पालन: इसके तहत निजी विश्वविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं यूजीसी (UGC) एवं अन्य सक्षम नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुसार अनिवार्य होंगी, जिससे छात्रों का भविष्य संवर सके।
4. छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त, मामले राजस्व मंडल को ट्रांसफर
जीएसटी (GST) लागू होने के बाद उत्पन्न हुई नई परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है।
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अधिकरण की समाप्ति: राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की स्थापना होने और वैट (VAT) संबंधी अपीलों में भारी कमी आने के कारण अब पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त किया जा रहा है।
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लंबित मामलों का निपटारा: अधिकरण में जितने भी लंबित मामले हैं, उन्हें अब राजस्व मंडल को ट्रांसफर किया जाएगा ताकि अपीलों का निपटारा तेजी से हो सके।
5. छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक को मंजूरी
करदाताओं और व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को अनुमोदित किया गया है।
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उद्देश्य: जीएसटी कानून और कर अनुपालन (Compliance) की प्रक्रियाओं को सरल बनाना।
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रिफंड में तेजी: निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (Inverted Duty Structure) वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाएगा। इससे राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
6. औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन विधेयक, 2026 मंजूर
छत्तीसगढ़ में नए उद्योगों की स्थापना और निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को हरी झंडी दे दी है।
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देश के अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का अध्ययन कर इसे तैयार किया गया है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलेगी।
7. देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़: ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026’ को हरी झंडी
व्यापार और उद्योग जगत के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी है। छत्तीसगढ़ ऐसा कानून लाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इसके तहत निम्नलिखित आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी:
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डीम्ड परमिशन (Deemed Permission) और स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification)।
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थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन (Third-party Verification) और जोखिम-आधारित निरीक्षण।
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दोहरे लाइसेंसिंग के झंझट को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा ताकि निवेशकों के लिए प्रक्रियात्मक बाधाएं दूर हों और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
8. नवा रायपुर आबंटितियों के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) योजना-2026
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों और परिसरों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है।
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ब्याज में छूट: बकाया देय राशि पर ब्याज और अधिभार (Surcharge) में राहत देने के लिए OTS योजना-2026 को मंजूरी दी गई है।
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सरेंडर का विकल्प: जो लोग परियोजना पूरी करना चाहते हैं उन्हें नियमितीकरण का मौका मिलेगा, और जो इच्छुक नहीं हैं वे समय पर भूमि सरेंडर कर सकेंगे, जिससे मुकदमेबाजी कम होगी।
9. जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम को अंगीकार करने का संकल्प
पर्यावरण संरक्षण और नियमों के सरलीकरण के बीच संतुलन बनाने के लिए केंद्र सरकार के जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को छत्तीसगढ़ में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाने की मंजूरी दी गई है।
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इसके तहत छोटे उल्लंघनों को अपराध (Criminal Offence) की श्रेणी से हटाकर उन पर आर्थिक दंड (Fine) लगाने का प्रावधान किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
10. खाली मकानों को किराए पर देने को मिलेगा बढ़ावा: भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में संशोधन
मकान मालिकों और किरायेदारों के हितों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है।
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यह संशोधन भारत सरकार के आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021 के अनुरूप है।
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इससे खाली मकानों को किराए पर देने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और विवादों का निपटारा त्वरित गति से होगा। इसमें संपत्ति प्रबंधक, किराया प्राप्ति और न्यायालय शुल्क से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया गया है।
11. राजनांदगांव में बनेगा 2000 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम
सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले एक विशाल और अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण का निर्णय लिया है। इसके निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आबंटन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
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