सामाजिक समरसता और बस्तर के विकास पर सकारात्मक चर्चा, प्रतिनिधिमंडल ने की सरकारी योजनाओं की सराहना
नई दिल्ली/रायपुर, 25 मई: देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में रविवार 24 मई को एक बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक बैठक संपन्न हुई। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ और कद्दावर मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सूबे के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की।
Advt

नई दिल्ली दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई इस मुलाकात को छत्तीसगढ़ के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य से जोड़कर बेहद अहम माना जा रहा है।
इन मुद्दों पर हुई खुलकर बात: सामाजिक सशक्तिकरण पर जोर
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और सर्व आदिवासी समाज के बीच प्रदेश के विकास को लेकर कई गंभीर विषयों पर मंथन हुआ। बैठक के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
-
समग्र विकास और समरसता: प्रदेश में सामाजिक समरसता को बनाए रखने और हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाने पर सकारात्मक चर्चा हुई।
-
जनहितकारी योजनाएं: प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चल रही विकास परियोजनाओं और कल्याकारी योजनाओं की खुलकर सराहना की और मुख्यमंत्री को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
-
संस्कृति का संरक्षण: आदिवासी समाज की अनूठी संस्कृति, परंपराओं और जल-जंगल-जमीन से जुड़े अधिकारों के संरक्षण को लेकर भी चर्चा की गई।
आदिवासी समाज का विकास और संरक्षण हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
“राज्य सरकार आदिवासी समाज के आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण, उनकी समृद्ध संस्कृति के संरक्षण और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर धरातल पर कार्य कर रही है। समाज का विकास ही छत्तीसगढ़ का वास्तविक विकास है।” — श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
इस मुलाकात के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने भी समाज और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाते हुए बस्तर और अन्य आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों की प्रगति का रोडमैप सामने रखा।








