दुर्ग 24 मई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम दांडेसरा (जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र) में शनिवार को पानी के विवाद ने बेहद खूनी रूप अख्तियार कर लिया। पिछले तीन दिनों से गांव में बिजली गुल होने के कारण पानी की किल्लत चल रही थी। इसी बीच पानी की टंकी की चाबी और पानी भरने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक ही परिवार के दो पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी (टंगिया) से जानलेवा हमला कर दिया।
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इस भीषण संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल 9 लोग लहूलुहान हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। घटना के बाद से पूरे गांव में तनाव का माहौल व्याप्त है।
पानी का बहाना, जमीन की पुरानी दुश्मनी
ग्रामीणों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद में शामिल दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और उनके दादा सगे भाई थे। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही है। इससे पहले भी जमीन विवाद में इनके बीच खूनी झड़प हो चुकी है, जिसमें कुल्हाड़ी चली थी। उस वक्त पुलिस चौकी में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था, लेकिन इस बार पानी की किल्लत ने पुरानी आग में घी का काम किया।
आरोपों के घेरे में दोनों पक्ष
घटना को लेकर दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
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पहले पक्ष का आरोप (मोनू यादव): मोनू ने बताया कि उसके चाचा जब खेत में भैंस चराने गए थे, तब दूसरे पक्ष के सियाराम, रितेश, नकूल और सहदेव ने उन्हें घेरकर टंगिया और डंडों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे मोनू के हाथ और कंधे पर भी गंभीर चोटें आई हैं। उनके पक्ष से कुल 5 लोग घायल हैं।
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दूसरे पक्ष का आरोप (सियाराम की बेटी): दूसरे पक्ष का कहना है कि बिजली बंद होने के कारण वे पंचायत से चाबी लेकर पानी भरने गए थे, लेकिन वहां ताला लगा दिया गया। विरोध करने पर बिरबल, भगवती, हरखंड, शिवप्रसाद और चेतन ने गाली-गलौज करते हुए उनके घर में घुसकर महिलाओं सहित पूरे परिवार को पीटा। खेत और खार में काम कर रहे लोगों को भी ढूंढकर निशाना बनाया गया।
स्थिति: फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात बरती जा रही है। घायलों की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।








