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‘दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद के गिरेबान में झांके कांग्रेस’ : सीपीआई नेता संदोश कुमार का राहुल गांधी पर तीखा हमला

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नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संदोश कुमार पी. ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक कड़ा पत्र लिखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के खिलाफ राहुल गांधी के हालिया बयानों से नाराज संदोश कुमार ने कांग्रेस नेतृत्व पर भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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केरल में एलडीएफ के खिलाफ अभियान पर जताई नाराजगी

संदोश कुमार ने अपने पत्र की शुरुआत काफी कड़े शब्दों में की। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी द्वारा केरल में एलडीएफ नेतृत्व और वामपंथी दलों के खिलाफ दिए गए बयान ‘असत्य, निराधार और दुर्भावनापूर्ण’ हैं। उन्होंने कहा:

“वामपंथी दल पूरे देश में अपनी ईमानदारी और सैद्धांतिक राजनीति के लिए जाने जाते हैं। राहुल गांधी द्वारा लगाए गए अभद्र और अप्रमाणित आरोप स्वीकार्य नहीं हैं। कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले आत्म-निरीक्षण करना चाहिए।”

‘कैश फॉर टिकट’ स्कैम: अपनों पर कार्रवाई की मांग

पत्र में संदोश कुमार ने दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर का हवाला देते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को घेरा। उन्होंने ‘कैश फॉर टिकट’ घोटाले का जिक्र करते हुए उन नामों को सार्वजनिक किया जो राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते हैं।

  • नामजद आरोपी: पत्र में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, मुख्य सचेतक के. सुरेश, प्रियंका गांधी के पीए अहमद खान और अनस अली का जिक्र है।

  • आरोप: हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व महासचिव ने इन नेताओं पर विधानसभा टिकट दिलाने के बदले भारी रकम वसूलने का आरोप लगाया है।

  • संस्थागत भ्रष्टाचार: संदोश कुमार ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐसे ही आरोप लगाए हैं, जो दर्शाता है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं बल्कि एक ‘संस्थागत बुराई’ है।

वायनाड फंड के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

वायनाड भूस्खलन का जिक्र करते हुए संदोश कुमार ने पारदर्शिता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चूरालमला-मुंडक्काई त्रासदी के बाद कांग्रेस ने राहत और पुनर्वास के नाम पर भारी धन एकत्र किया, लेकिन इसका हिसाब सार्वजनिक नहीं है।

  • पारदर्शिता की कमी: पत्र में सवाल किया गया है कि कितना पैसा इकट्ठा हुआ, किस बैंक में जमा हुआ और पीड़ितों को कितना लाभ मिला?

  • नैतिक जिम्मेदारी: चूंकि राहुल गांधी वायनाड के पूर्व सांसद हैं और अब प्रियंका गांधी वाड्रा वहां का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे फंड का पूरा ब्यौरा जनता के सामने रखें।

‘दिखावे की राजनीति छोड़ें राहुल’

संदोश कुमार ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, तो उन्हें दो काम करने चाहिए:

  1. एफआईआर में नामजद अपने करीबियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

  2. वायनाड राहत कोष के इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करें।

उन्होंने अंत में लिखा कि राहुल गांधी की राजनीति की विश्वसनीयता उनके भाषणों से नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके ठोस कदमों से तय होगी। यदि वे इन गंभीर आरोपों पर चुप्पी साधते हैं, तो उनका भ्रष्टाचार विरोधी रुख महज एक ‘दिखावा’ माना जाएगा।

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